पहला पन्ना प्रतिक्रिया   Font Download   हमसे जुड़ें RSS Contact
larger
smaller
reset

इस अंक में

 

क्यों बढ़ रहा भूख का आंकड़ा

हमारे कुलभूषण को छोड़ दो

भारत व अमेरिका में केमिकल लोचा

सवाल विकास की समझ का

प्रतिरोध के वक्ती सवालों से अलग

गरीबी उन्मूलन के नाम पर मज़ाक

जनमत की बात करिये सरकार

नेपाल पर भारत की चुप्पी

लोहिया काल यानी संसद का स्वर्णिम काल

स्मार्ट विलेज कब स्मार्ट बनेंगे

पाकिस्तान आंदोलन पर नई रोशनी

नर्मदा आंदोलन का मतलब

क्यों बढ़ रहा भूख का आंकड़ा

हमारे कुलभूषण को छोड़ दो

भारत व अमेरिका में केमिकल लोचा

युद्ध के विरुद्ध

किसके साथ किसका विकास

क्या बदल रहा है हिन्दू धर्म का चेहरा?

मोदी, अमेरिका और खेती के सवाल

 
  पहला पन्ना >राज्य >अमरीका Print | Share This  

तूफान सैंडी के बाद सर्दी का कहर

तूफान सैंडी के बाद सर्दी का कहर

वाशिंगटन. 5 नवंबर 2012 बीबीसी

सैंडी तूफान


न्यूयॉर्क के नेताओं ने कहा है कि जिन हज़ारों लोगों के घर हाल में आए तूफान सैंडी में क्षतिग्रस्त हो गए, उन्हें घरों की जरूरत होगी क्योंकि जल्द ही सर्दी का मौसम आ रहा है. गवर्नर एंड्रयू क्यूओमो ने कहा कि जिन घरों में गर्म रखने वाली हीटिंग की व्यवस्था नहीं होगी, वहां नहीं रहा जा सकता क्योंकि ठंड बहुत ज्यादा होती है. वहीं न्यूयॉर्क के मेयर माइकल ब्लूमबर्ग ने कहा कि 30 से 40 हजार लोगों को मदद की जरूरत है.

29 अक्टूबर को अमरीका के पूर्वोत्तर हिस्से से टकराए तूफान सैंडी के कारण कम से कम 106 लोग मारे गए. इनमें से 40 लोग अकेले न्यूयॉर्क शहर में मारे गए. क्यूओमो ने रविवार को एक प्रेंस कांफ्रेंस में कहा कि जिन लोगों ने अपने घर छोड़ने से इनकार कर दिया है, उनके सामने कोई अन्य विकल्प नहीं होगा.

उन्होंने ये भी कहा कि सोमवार को सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था पर ज्यादा दबाव होगा क्योंकि ज्यादा से ज्यादा लोग अपने दफ्तर जाएंगे और कई दिनों तक बंद रहने के बाद स्कूल भी दोबारा खुल रहे हैं.

पेट्रोल की किल्लत की समस्या धीरे-धीरे दूर हो रही है लेकिन क्यूओमो ने लोगों से अपील की है कि वो पेट्रोल को जमा करके न रखें क्योंकि जल्द ही नई आपूर्ति उन तक पहुंचने वाली है. न्यूयॉर्क में शहर प्रशासन ने उन इलाकों में बसेरे बनाए हैं जहां बिजली बहाल नहीं हो पाई है. साथ ही उन लोगों को कंबल दिए जा रहे हैं जो बिजली न होने के बावजूद अपने घर छोड़ने को तैयार नहीं हैं. लेकिन ब्लूमबर्ग ने ऐसे लोगों से फिर अपने घरों से बाहर निकलने को कहा है. उन्होंने कहा, "सर्दी के कारण आपकी मौत हो सकती है. मोमबत्ती या घर को गर्म करने के लिए स्टोव जलाते समय आग लगने से भी आपकी मौत हो सकती है."

रविवार को वहां तापमान चार डिग्री सेल्सियस रहा और मौसम विभाग का कहना है कि सोमवार को पारा गिर कर शून्य से एक डिग्री सेल्सियस नीचे तक जा सकता है. न्यूयॉर्क के मेयर ने कहा, “अगर आपको नहीं पता है कि आपको कहाँ जाना है तो बाहर सड़क पर निकल आइए और बस इतना कहिए कि मैं कहां जाऊं. वे आपकी मदद करेंगे. लेकिन हमें ये सुनिश्चित करना है कि कुछ दिनों तक आप सुरक्षित रहें, आपको खाना मिला और पानी मिले.”

गवर्नर ने बताया कि न्यूयॉर्क में सात लाख 30 हजार लोगों के यहां अब भी बिजली नहीं है. इनमें न्यूयॉर्क सिटी के एक लाख तीस हजार लोग भी शामिल हैं. पड़ोसी राज्य न्यूजर्सी में भी दस लाख लोगों को बिना बिजली के रहना पड़ रहा है जबकि पेट्रोल भी सीमित मात्रा में मिल रहा है.

तूफान सैंडी के कारण अमरीका में मंगलवार को होने वाले राष्ट्रपति चुनाव की तैयारियां भी प्रभावित हो रही हैं. न्यूजर्सी में तूफान से बेघर हुए लोग अपना वोट ईमेल या फैक्स के जरिए भी दे सकते हैं. वहीं ब्लूमबर्ग का कहना है कि न्यूयॉर्क के अधिकारी पूरी कोशिश करेंगे कि लोग अपने वोट दे पाएं.


इस समाचार / लेख पर अपनी प्रतिक्रिया हमें प्रेषित करें

  ई-मेल ई-मेल अन्य विजिटर्स को दिखाई दे । ना दिखाई दे ।
  नाम       स्थान   
  प्रतिक्रिया
   


 
  ▪ हमारे बारे में   ▪ विज्ञापन   |  ▪ उपयोग की शर्तें
2009-10 Raviwar Media Pvt. Ltd., INDIA. feedback@raviwar.com  Powered by Medialab.in