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गुमनाम मौत नहीं मरना चाहते शाहरुख

गुमनाम मौत नहीं मरना चाहते शाहरुख

गोवा. 5 नवंबर 2012

नितिन गडकरी


सुपर स्टार कहलाने वाले 47 साल के शाहरुख खान का कहना है कि वे अपने पिता की तरह नहीं मरना चाहते. वे नहीं चाहते कि वे गुमनामी में रहें. अपने बचपन की यादों को गोवा के वार्षिक समारोह में साझा करते हुये शाहरुख खान ने कहा कि उनके पिता के पास इतने पैसे भी नहीं थे कि वे मुझे फिल्म दिखा सकें. 15 साल की उम्र में अपने पिता को खोने वाले शाहरुख खान ने कहा कि बचपन में मेरे पिता मुझे फिल्म दिखाने ले गये लेकिन टिकट के पैसे नहीं होने पर वे मुझे कामाती ऑडिटोरियम के करीब ले गये और कहा कि सड़क पर गुजरते हुए वाहनों को देखना भी काफी दिलचस्प है. शाहरुख खान ने कहा कि आज की तारीख में मैं अपने बेटे को जब फिल्म दिखाने ले जाता हूं तो उसे कार नहीं दिखाता, फिल्म दिखाता हूं.

शाहरुख खान ने कहा कि आज मैं सफल हूं लेकिन इस सफलता के बाद भी मुझे लगता है कि मुझमें कुछ गड़बड़ है. मुझे ऐसा महसूस होता है, लेकिन मुझे यह नहीं मालूम कि वास्तव में यह क्या है. शाहरुख ने कहा कि मेरे पास बहुत अच्छा परिवार है, मेरे पास कुछ अच्छे दोस्त हैं, जिनके साथ मैं बहुत समय गुजारता हूं.

शाहरुख खान ने कहा कि मैं अपने पिता की तरह मौत नहीं चाहता और गुमनाम नहीं रहना चाहता. मैं केवल सफल रहना चाहता हूं और विश्वास करें तो शीर्ष पर अकेलेपन का एहसास होता है. किसी तरह का खालीपन का एहसास है और यह लगातार मुझे परेशान करता है, जिसे मैं अपने अभिनय से पूरा करता हूं.