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हाजी अली में महिलाओं का प्रवेश बैन

हाजी अली में महिलाओं का प्रवेश बैन

मुंबई. 6 नवंबर 2012

महिला


मुंबई के हाजी अली दरगाह में महिलाओं के प्रवेश पर प्रतिबंध को अब दरगाह के प्रबंधन ने और कड़ाई से पालन करने का निर्णय लिया है. प्रबंधन ने साफ कर दिया है कि इस मामले में किसी भी तरह की रियायत पर कोई विचार नहीं किया जा सकता. गौरतलब है कि हाजी अली की दरगाह मुंबई के वरली तट के निकट स्थित एक छोटे से टापू पर स्थित एक मस्जिद एवं दरगाह हैं. दरगाह को 1431 में सूफी संत सय्यद पीर हाजी अली शाह बुखारी की स्मृति में बनाया गया था. हाजी अली ट्रस्ट के अनुसार हाजी अली उज़्बेकिस्तान के बुखारा प्रान्त से सारी दुनिया का भ्रमण करते हुए भारत पहुचे थे.

हाजी अली दरगाह के प्रबंधन ने मंगलवार को कहा कि हाजी अली अत्यंत पवित्र स्थान है और इस्लाम के अनुसार यहां किसी भी महिला का प्रवेश प्रतिबंधित है. ऐसे में यहां महिलाओं को केवल दरवाजे के बाहर ही खड़े रहने की अनुमति दी जा सकती है. अंदर के हिस्से में जहां 15 वीं सदी के सूफी संत पीर हाजी अली शाह बुखारी की कब्र है, वहां किसी भी महिला को प्रवेश नहीं दिया जा सकता.

हाजी अली दरगाह के ट्रस्टी और सुप्रसिद्ध वकील रिजवान मर्चेट के अनुसार शरिया कानून के तहत 6 महीने पहले ही इस आशय का फतवा जारी किया गया था, जिस पर विरोध के स्वर भी उभरे थे. लेकिन अब प्रबंधन इस बात को लेकर सख्ती बरतेगा और हाजी अली की दरगाह में किसी भी महिला के प्रवेश को स्वीकार नहीं किया जाएगा.