पहला पन्ना >राजनीति >समाज Print | Share This  

बंगाल में जमीन अधिग्रहण में खूनी संघर्ष

बंगाल में जमीन अधिग्रहण में खूनी संघर्ष

कोलकाता. 7 नवंबर 2012

खूनी संघर्ष


पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले में खदान के लिये भूमि अधिग्रहण को लेकर पुलिस और ग्रामीणों में हुये संघर्ष में 27 पुलिसकर्मियों समेत 33 लोगों के घायल होने की खबर है. राजधानी कोलकाता से 226 किलोमीटर दूर बीरभूम के दुबराजपुर प्रखंड के लोबा गांव में पिछले कुछ समय से तनाव का वातावरण बना हुआ था.

पुलिस सूत्रों का दावा है कि एक खुली खदान के लिये भूमि अधिग्रहण का काम चल रहा था. इस दौरान ग्रामीण भड़क उठे और उन्होंने पुलिस के वाहन में आग लगा दी. इसके अलावा पुलिस की ओर से गोलीबारी भी की गई. ग्रामीणों का आरोप है कि पहले पुलिस ने बल प्रयोग किया और अलोकतांत्रिक तरीके से खदान आवंटन में हस्तक्षेप किया, जिससे ग्रामीण भड़के. इस संघर्ष में घायल लोगों का इलाज सूरी अस्पताल और बर्दमान मेडिकल कालेज किया जा रहा है.

गौरतलब है कि लोबा गांव में डीवीसी इमटा कोल माइंस लिमिटेड ने मिट्टी खोदने वाली मशीन लगाई, तब परियोजना के लिए अतिरिक्त भूमि के अधिग्रहण का विरोध कर रहे भूमि मालिकों ने मशीन जब्त कर ली थी. उनका कहना था कि उनकी जमीन पर जबरदस्ती खदान का काम चालू किया जा रहा था.

इधर राज्य केगृह सचिव बंद्योपाध्याय ने दावा किया कि 2011 में भी ग्रामीणों ने मिट्टी खोदने वाली मशीन नहीं लगाने दिया था, जिसकी पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई थी. सोमवार की रात जब पुलिस बल मशीन बरामद करने घटनास्थल पर पहुंचा, उस समय गांव वालों ने पुलिस पर हमला किया, जिसके बाद संघर्ष की स्थिति बनी.