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मलाला को मिले नोबल पुरस्कार

मलाला को मिले नोबल पुरस्कार

लंदन. 9 नवंबर 2012

मलाला युसुफजई


पाकिस्तान की मलाला युसुफजई को नोबेल शांति पुरस्कार देने को लेकर ऑनलाइन अभियान को भारी समर्थन मिल रहा है. अभी तक 10 हजार से अधिक लोगों ने इस ऑनलाइन अभियान पर अपने हस्ताक्षर किये हैं. उन्हें नोबल पुरस्कार की वकालत करने वालों में ब्रिटेन सरकार भी शामिल है.

गौरतलब है कि 14 वर्षीय मलाला हुसुफज़ई को 10 अक्टूबर को पाकिस्तान की स्वात घाटी के मुख्य शहर मिंगोरा में तालिबानी आतंकियों ने स्कूल से घर वापस लौटते वक्त सिर में गोली मार दी थी. 14 वर्षीय मलाला हुसुफज़ई पर पाकिस्तान के स्वात घाटी के मुख्य शहर मिंगोरा में तालिबानी आतंकियों द्वारा हमला तब किया गया जब वह स्कूल से घर वापस लौट रही थी. तालिबान ने मलाला पर हमले के बाद कहा कि वह धर्मनिरपेक्ष है और तालिबान के खिलाफ बात करती है, इसलिये उसे गोली मारी गई. घायल मलाला को पहले स्थानीय अस्पताल में भर्ती किया गया लेकिन बाद में 14 अक्टूबर को उसे इंग्लैंड के बर्मिंघम के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां अभी तक उनका इलाज चल रहा है.

मलाला पहली बार सुर्खियों में वर्ष 2009 में आईं जब 11 साल की उम्र में उन्होंने तालिबान के साए में ज़िंदगी के बारे में डायरी लिखना शुरु किया. इसके लिए उन्हें वर्ष 2011 में बच्चों के लिए अंतरराष्ट्रीय शांति पुरस्कार के लिए नामांकित किया गया था. मलाला शुरु से ही अपने इलाके में तालिबान की गतिविधियों की मुखर विरोधी है, इसीलिए वह तालिबान के निशाने पर भी रही है.

 

इस समाचार / लेख पर पाठकों की प्रतिक्रियाएँ

 
 

ASHOK KUMAR [] BAKHRI,KATRA,MUZ.. - 2012-11-10 14:32:10

 
  इस लड़की जैसी हर लड़की होगी तो देश का विकास रुकेगा नहीं. हर लड़की में ऐसा जोश जज्बा होना चाहिए. 
   
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