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सन ऑफ सरदार है पैसा वसूल

सन ऑफ सरदार है पैसा वसूल

नई दिल्ली. 13 नवंबर 2012

सन ऑफ सरदार


'सन ऑफ सरदार' में निर्देशक अश्विनी धीर और अजय देवगन को देखना उन दर्शकों के लिये सुखद हो सकता है, जिन्होंने ‘अतिथि तुम कब जाओगे’ में इस जोड़ी का काम को सराहा था. हालांकि फिल्म में नयापन की कमी है लेकिन पिछले एक साल में जिस तरह की फिल्में आई हैं, उस परंपरा को इस फिल्म ने भी निभाने की कोशिश की है. 1700 थियेटरों में रिलीज हुई यह फिल्म कमाई का रिकार्ड बनाएगी, ऐसी उम्मीद की जा सकती है.

फिल्म की कहानी कुल जमा ये है कि लंदन में रहने वाला जस्सी रंधावा यानी अजय देवगन पंजाब में अपनी पुश्तैनी ज़मीन बेचने के लिये आता है. अजय देवगन को यह पता नहीं है कि गांव में उसके परिवार की संधू खानदान से खानदानी दुश्मनी है. हालत ये है कि संधू खानदान की बड़ी औलाद बिल्लू यानी संजय दत्त ने रंधावा खानदान के आखिरी वारिस जस्सी यानी अजय देवगन को मारने की कसम उस समय खाई थी, जिस समय वह परमीत यानी जूही चावला के साथ हो रही अपनी शादी के आधे फेरे ले चुका था. परमीत की बिल्लू से शादी तो नहीं हो पाई, लेकिन वह पच्चीस साल बाद भी बिल्लू के साथ अपने बाकी बचे फेरे पूरे होने और उसकी बीवी बनने की आस में उसी के घर में है.

गांव आते समय ट्रेन में अजय देवगन यानी जस्सी की मुलाकात संधू खानदान की लाडली मीत यानी सोनाक्षी सिन्हा से होती है और गांव आने पर अजय देवगन उससे मिलने संधू खानदान के बिल्लू के घर जा पहुंचते हैं. फिर जो कुछ होता है, वह है फिल्म की कहानी.

अजय देवगन की 'सन ऑफ सरदार' में सारे छौंक-बघार हैं, जिसकी प्रतीक्षा अजय देवगन की फिल्मों से होती है. शानदार कॉमेडी है तो एक्शन भी सराहने लायक है. घर-परिवार के साथ बैठ कर फिल्म देखने वालों को फिल्म अच्छी लगेगी. अजय देवगन हमेशा की तरह अभिनय के मामले में और बेहतर हुये हैं. फिल्म का संगीत लोगों को भाएगा.

 

इस समाचार / लेख पर पाठकों की प्रतिक्रियाएँ

 
 

arun yadav [aky.yadav1@gmail.com] delhi - 2012-11-13 07:15:02

 
  very very good film and acting of Ajay Devgan is splendid 
   
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