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क्या गुरुमूर्ति भाजपा के कैग हैं ?

क्या गुरुमूर्ति भाजपा के कैग हैं ?

नई दिल्ली. 14 नवंबर 2012

गुरुमूर्ति


भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी पर संघ के कद्दावर नेता एस गुरुमूर्ति की सफाई को लेकर कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने कहा था कि क्या गुरुमूर्ति भाजपा के कैग हैं ? लेकिन लगता है कि गुरुमूर्ति सच में कैग की भूमिका में आ गये हैं.

गौरतलब है कि सोमवार को संघ के कद्दावर नेता एस गुरुमूर्ति ने भाजपा अध्यक्ष को संदेहास्पद बनाते हुये कहा था कि भाजपा अध्यक्ष का कोई कारोबार नहीं होना चाहिये. उन्होंने नितिन गडकरी को कोई क्लिन चिट देने से भी इंकार कर दिया था. गुरुमूर्ति ने यह सब ट्वीटर पर किया. सोमवार को एक के बाद एक गुरूमूर्ति ने नितिन गडकरी को लेकर कई ट्वीट किये. बाद में जब उन ट्वीट्स पर शोर बरपा तो उन्होंने कई ट्वीट यह कहते हुये हटा दिये कि ऐसे ट्वीट, जिनसे गलतफहमी हो रही थी, उन्हें हटा दिया गया.

इसके बाद गडकरी ने बजाप्ता नितिन गडकरी को पत्र लिख कर कहा कि मैं अब औपचारिक रूप से रिकॉर्ड के लिए ये चिट्ठी लिख रहा हूं जो विचार मैंने बीजेपी की कोर कमेटी की बैठक में 6 नवंबर 2012 को रखे थे. मैंने पूर्ति के दस्तावेज की जांच के बाद कोर कमेटी की बैठक में साफ-साफ कहा था कि आपने नैतिक या कानूनी रूप से कोई गलत काम नहीं किया है. गुरुमूर्ति ने लिखा कि मैं फिर से दोहराना चाहता हूं कि जांच के बाद मैंने जो कॉलम लिखे, उसमें भी ये लिखा था कि आपने नैतिक या कानूनी रूप से कोई गलत काम नहीं किया है. मैंने व्यक्तिगत रूप से पूर्ति के दस्तावेज देखे और इसके बाद अपनी राय रखी. लेकिन कुछ लोग इसे सियासी रंग दे रहे हैं.

गुरुमूर्ति के इस यू टर्न को लेकर कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह की चुटकी एक बार फिर याद आ गई, जिसमें उन्होंने कहा था कि गुरूमूर्ति क्या भाजपा के कैग हैं? यह सवाल इसलिये भी उठा क्योंकि अब एस गुरुमूर्ति ने जिस सख्श का हवाला देकर नितिन गडकरी को पाक साफ बताने की कोशिश की थी, उस पर भी घोटालों के आरोप लगे हैं. गुरुमूर्ति के मुताबिक नितिन गडकरी की कंपनी में जिन 14 कंपनियों ने निवेश किया था, उनके मालिक नागपुर के मनीष मेहता हैं. लेकिन अब एक टीवी चैनल की पड़ताल में पता चला है कि स्वयं मनीष मेहता पर बैंक और जमीन घोटाले के दो संगीन आरोप है. अब इस बात की प्रतीक्षा की जा रही है कि दिग्विजय सिंह इस नये राज के फाश होने के बाद भाजपा के कैग की तरह बर्ताव करने वाले गुरूमूर्ति पर हमला किस अंदाज में करते हैं.


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