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गैर-जिम्मेदाराना पत्रकारिता का जवाब सेंसरशिप नहीं

गैर-जिम्मेदाराना पत्रकारिता का जवाब सेंसरशिप नहीं

नई दिल्ली. 16 नवंबर 2012.

prime minister manmohan singh


प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का मानना है कि सेंसरशिप कभी भी गैर-जिम्मेदाराना पत्रकारिता का जवाब नहीं हो सकती है. राष्ट्रीय प्रेस दिवस पर मीडिया को अपने संदेश में श्री सिंह ने कहा है कि यह सच है कि कभी-कभी गैर-जिम्मेदार पत्रकारिता सामाजिक सौहार्द और व्यवस्था पर गंभीर प्रभाव डालती है, लेकिन व्यवस्था बनाये रखना लोकसेवकों की जिम्मेदारी है और सेंसरशिप के जरिए इस पर रोक नहीं लगाई जा सकती है.

मनमोहन सिंह के अनुसार एक देश के रूप में हम मानते हैं कि मीडिया को बाहरी नियंत्रण से पूरी तरह मुक्त होना चाहिए क्योंकि स्वतंत्र एवं निष्पक्ष मीडिया हमेशा से हमारे लोकतंत्र का आधारस्तंभ रहे हैं. साथ ही मीडिया ने आज़ादी के समय से ही सामाजिक बदलाव लाने, जनमानस को अपने आधिकारों के बारे में शिक्षित करने और जागरुकता फैलाने का कार्य किया है.

अपने संदेश में मीडिया को आत्म-नियमन की सलाह देते हुए उन्होंने कहा कि चौथे स्तंभ के सदस्यों को मीडिया के असली उद्दश्यों की पूर्ति के लिए काम करना चाहिए और सनसनी फैलाने पर रोक लगानी चाहिए.