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बाल ठाकरे के निधन की घोषणा

बाल ठाकरे के निधन की घोषणा

मुंबई. 17 नवंबर 2012

बाला साहेब ठाकरे


शिवसेना प्रमुख बाल ठाकरे का दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया है. वे 86 साल के थे. पिछले कुछ महीनों से ठाकरे की तबीयत लगातार खराब चल रही थी और यह बताया गया कि अंत समय में उनके दिल को छोड़कर बाकी सब अंगों ने काम करना बंद कर दिया था. डॉक्टरों की एक टीम दिन-रात ठाकरे की देखरेख में लगी हुई थी लेकिन टीम की तमाम कोशिशों के बावजूद शनिवार दोपहर साढ़े तीन उनका निधन हो गया. बाल ठाकरे के निधन के बाद से शिव सेना के उनके समर्थकों में दुख और शोक व्याप्त है.

ठाकरे के निधन के बाद से ही मुंबई में उनके निवास स्थान मातोश्री के बाहर उनके समर्थकों की भीड़ का जमावड़ा लगा हुआ है, जिसके मद्देनज़र मुंबई पुलिस ने आसपास के तमाम मार्गों पर बैरिकैडिंग कर दी है. उल्लेखनीय है कि पिछले कुछ दिनों सी उनकी तबीयत खराब होने की खबर आने के बाद से ही बॉलीवुड हस्तियों समेत तमाम जान-पहचान वालों का मातोश्री आना-जाना लगा हुआ था.

बाल ठाकरे के अस्वस्थ होने की खबर पहली बार 25 जुलाई को आई थी, इसके बाद दशहरा के अवसर पर बाल ठाकरे के बुरी तरह से अस्वस्थ होने की खबर उस समय पुष्ट हुई, जब उनका रिकार्डेड संदेश उनके समर्थकों को सुनाया गया. इस संदेश में बाल ठाकरे ने कहा था कि लोगों को शिवसेना के प्रति अपनी वफादारी बनाए रखनी चाहिए.

23 जनवरी 1926 को मध्यप्रदेश के बालाघाट में जन्में बाल ठाकरे ने अपना करियर फ्री प्रेस जर्नल में बतौर कार्टूनिस्ट शुरु किया था. इसके बाद उन्होंने 1960 में अपने भाई के साथ एक कार्टून साप्ताहिक 'मार्मिक' की भी शुरुवात की. 1966 में उन्होंने महाराष्ट्र में शिव सेना नामक कट्टर हिंदू राष्ट्रवादी संगठन की स्थापना की.

शुरुवाती दौर में बाल ठाकरे को अपेक्षित सफलता नहीं मिल पाई लेकिन 1995 में भाजपा-शिवसेना के गठबंधन ने महाराष्ट्र में अपनी सरकार बना पाने में सफल रही. बाल ठाकरे मराठी संस्कृति के नाम पर उत्तेजक बयानों के लिये जाने जाते थे और इसी कारण जनमानस का एक बड़ा वर्ग उनकी आलोचना भी करता रहा और उनके खिलाफ कई बार मुकदमा भी दर्ज किया गया था.

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