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छेड़खानी की तो लाइसेंस और पासपोर्ट नहीं

छेड़खानी की तो लाइसेंस और पासपोर्ट नहीं

ग्वालियर. 20 नवंबर 2012

छेड़छाड़


मध्यप्रदेश में महिलाओं के साथ छेड़छाड़ करने वालों को ड्राइविंग लाइसेंस, पासपोर्ट और चरित्र प्रमाण पत्र नहीं दिये जाएंगे. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की इस घोषणा को लेकर महिलाओं ने खुशी जताई है, वहीं कानून के जानकार मानते हैं कि इस तरह का निर्णय लेना और उसका पालन करना राज्य सरकार के बस का नहीं है.

गौरतलब है कि मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ग्वालियर व्यापार मेले में घोषणा की कि महिलाओं से छेड़छाड़ करने वालों को ड्राइविंग लाइसेंस, पासपोर्ट और चरित्र प्रमाण पत्र आदि सरकारी दस्तावेज जारी नहीं किये जाएंगे. उनका कहना था कि नारी सम्मान और सुरक्षा के लिए हमारी सरकार छेड़छाड़ और उत्पीड़न जैसे अपराधों से जुड़े लोगों का आंकड़े तैयार कराएगी, ताकि उन्हें सरकारी सुविधाओं का फायदा उठाने से रोका जा सके.

शिवराज सिंह चौहान ने छेड़छाड़ और दुर्व्यवहार की घटनाओं की शिकायत के लिए प्रदेश में एक टोल फ्री नंबर का इंतजाम करने के साथ ही कन्या भ्रूण हत्या रोकने के लिए पीएनडीटी ऐक्ट को सख्ती से लागू करने की बात कही. मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि जिन घरों में केवल बेटियां हैं, उन घरों में बीमा और पेंशन जैसी सुविधाएं भी देने की योजना बनाई जा रही है.

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि स्त्री-पुरुष अनुपात में ग्वालियर-चंबल अंचल की स्थिति प्रदेश में सबसे खराब है. इसीलिये महिला सशक्तिकरण के मकसद से समाज की अगुआई में प्रदेशव्यापी नारी सम्मान उत्सव की शुरूआत ग्वालियर से की गई है. अब इसी तर्ज पर प्रदेश भर में महिलाओं के प्रति सकारात्मक वातावरण बनाने के कार्यक्रम किए जायेंगे. मुख्यमंत्री ने कहा कि वीरांगना लक्ष्मीबाई की जयंती से शुरू हुआ यह जन आंदोलन राजमाता विजयाराजे सिंधिया की जयंती 12 अक्टूबर तक सतत रूप से सम्पूर्ण प्रदेश में चलेगा.


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