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एलआईसी की निवेश सीमा में बढ़ोत्तरी

एलआईसी की निवेश सीमा में बढ़ोत्तरी

मुंबई. 22 नवंबर 2012

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वित्त मंत्रालय ने भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) की किसी अन्य कंपनी में निवेश की सीमा 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 30 प्रतिशत करने का फैसला कर लिया है. सरकार ने यह कदम उसके इस वित्त वर्ष के 30,000 करोड़ रुपए के विनिवेश लक्ष्य को हासिल करने के लिए उठाया है. भारतीय जीवन बीमा निगम के निवेश मानकों में इस प्रकार की ढील देने से संबंधित अधिसूचना भी जारी कर दी गई है. इस फैसले के आने के बाद से एलआईसी सरकार की विनिवेश प्रक्रिया में शामिल कंपनियों में ज्यादा निवेश कर सकेगी.

वित्त मंत्रालय की ओर से आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में वित्तीय सेवा सचिव डी.के.मित्तल ने कहा, `सार्वजनिक क्षेत्र की एलआईसी अब किसी भी कंपनी में उसकी पेड-अप कैपिटल (चुकता पूंजी) के 30 फीसदी के बराबर निवेश कर सकती है जबकि पहले एलआईसी को कंपनियों में अधिकतम 10 फीसदी निवेश करने की ही इजाजत थी’. मौजूदा परिवेश में एलआईसी हर साल इक्विटी में 50,000-60,000 करोड़ रुपए का निवेश करती है. लेकिन नए नियमों के तहत वह सार्वजनिक कंपनियों में अधिक इक्विटी हासिल कर पाएगी.

वहीं दूसरी ओर बीमा नियामक आईआरडीए इस बात का विरोध करता आ रहा है कि एलआईसी को किसी कंपनी में 10 फीसदी से ज्यादा निवेश की इजाजत दी जानी चाहिए. उसका मानना है कि निजी बीमा कंपनियों के लिए तय नियम एलआईसी पर भी लागू होने चाहिए. हालांकि सरकार ने ये फैसला अपने विनिवेश लक्ष्य को पूरा करने के लिए लिया है, ताकि वह वित्तीय घाटे पर कुछ लगाम लगा सके.


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