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आम आदमी पार्टी पर राजनीति के तीर

आम आदमी पार्टी पर राजनीति के तीर

नई दिल्ली. 24 नवंबर 2012

अरविंद केजरीवाल


समाजसेवी अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी यानी ‘आप’ के गठन की घोषणा के साथ ही राजनीतिक तीर चलने शुरु हो गये हैं. भाजपा और कांग्रेस दोनों ने ही अरविंद की नई पार्टी पर चुटकी ली है. इस बीच अरविंद केजरीवाल ने 26 नवंबर को जंतर-मंतर पर अपनी आम आदमी पार्टी के लोकार्पण की बात कही है.

पत्रकारों से बातचीत करते हुये अरविंद केजरीवाल ने कहा कि वे न तो राजनीति करने के लिये पार्टी बना रहे हैं और ना ही चुनाव लड़ना उनका उद्देश्य है. अरविंद का कहना था कि उन्होंने भ्रष्टाचार से लड़ने के लिये पार्टी बनाई है.

अरविंद केजरीवाल के अनुसार आम आदमी पार्टी का संविधान और कामकाज की रुपरेखा लोगों के सामने रखी जाएगी. इस पार्टी में भाजपा-कांग्रेस की तरह अध्यक्ष या वाम दलों की तरह महासचिव का पद नहीं होगा, इनकी जगह राष्ट्रीय संयोजक होगा.

भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा है कि अरविंद पार्टी का नाम आम रखें चाहे ख़ास रखें, चुनाव के मैदान में आए हैं तो अब तक जो कहते हैं उन्हें करने का वक़्त आया है. जिन मुद्दों को लेकर अबतक वो सबको कठघरे में खड़ा करते रहे हैं, अगर उसमें वे बेहतरी ला सकें तो हम खुश होंगे.

इधर अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी को लेकर कांग्रेस के बड़बोले प्रवक्ता मनीष तिवारी ने कहा है कि एक लोकतांत्रिक देश में पार्टी बनाना उनका हक है. भारत में करीब 1300 राजनीतिक दल हैं, अगर इसमें एक और शामिल हो जाएगा तो लोकतांत्रिक व्यवस्था और मजबूत होगी. कांग्रेस के ही दिग्विजय सिंह ने अरविंद केजरीवाल को बधाई देते हुये कहा है कि अब अन्ना हजारे को भी पार्टी बनानी चाहिये. उसके बाद जैसा चाहे लोकपाल बिल लाएं.