पहला पन्ना प्रतिक्रिया   Font Download   हमसे जुड़ें RSS Contact
larger
smaller
reset

इस अंक में

 

क्यों बढ़ रहा भूख का आंकड़ा

हमारे कुलभूषण को छोड़ दो

भारत व अमेरिका में केमिकल लोचा

सवाल विकास की समझ का

प्रतिरोध के वक्ती सवालों से अलग

गरीबी उन्मूलन के नाम पर मज़ाक

जनमत की बात करिये सरकार

नेपाल पर भारत की चुप्पी

लोहिया काल यानी संसद का स्वर्णिम काल

स्मार्ट विलेज कब स्मार्ट बनेंगे

पाकिस्तान आंदोलन पर नई रोशनी

नर्मदा आंदोलन का मतलब

क्यों बढ़ रहा भूख का आंकड़ा

हमारे कुलभूषण को छोड़ दो

भारत व अमेरिका में केमिकल लोचा

युद्ध के विरुद्ध

किसके साथ किसका विकास

क्या बदल रहा है हिन्दू धर्म का चेहरा?

मोदी, अमेरिका और खेती के सवाल

 
  पहला पन्ना >राजनीति >महाराष्ट्र Print | Share This  

गडकरी की पत्नी-बेटे भी घोटाले में

गडकरी की पत्नी-बेटे भी घोटाले में

नई दिल्ली. 25 नवंबर 2012

नितिन गडकरी


भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी के खिलाफ सार्वजनिक हुये पूर्ति घोटाले को जिन कंपनियों से धन की आपूर्ति हुई थी, उन में से कम से कम 6 कंपनियां ऐसी हैं, जिनका मालिकाना हक नितिन गडकरी की पत्नी-बच्चों और भांजों की है. इससे पहले कहा गया था कि सारा घपला स्थानीय व्यापारी मनीष मेहता ने किया है और वही 18 कंपनियों का संचालन करता था. इन दस्तावेजों के सामने आने के बाद गडकरी की मुश्किल बढ़ सकती है.

अब जो दस्तावेज सामने आये हैं, उसके अनुसार 18 कंपनियों में से कई कंपनियां ऐसी हैं, जिनके दस्तावेज में साफ तौर पर नितिन गडकरी की पत्नी कंचन, गडकरी के बेटे निखिल गडकरी और सारंग गडकरी का नाम दर्ज है.

कंपनियों के दस्तावेज बताते हैं कि पूर्ति को धन देने वाली कुछ कंपनियां नितिन गडकरी के भांजे संदीप भुरचंदी की भी है. हालत ये है कि इनके ड्राइवर मनोहर पांसे के नाम भी कंपनी के मालिकों में शुमार है. ये तमाम कंपनियां नितिन गडकरी की कंपनी पूर्ति और महात्मा शुगर एंड पावर लिमिटेड को धन उपलब्ध करा रही थीं.

माना जा रहा है कि इन दस्तावेजों के सार्वजनिक होने के बाद अब नितिन गडकरी पर एक बार फिर इस्तीफा देने का दबाव बढ़ सकता है. भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य महेश जेठमलानी ने पहले ही नितिन गडकरी के खिलाफ मोर्चा खोलते हुये राष्ट्रीय कार्यकारिणी से इस्तीफा दे दिया था. इसके अलावा उनके पिता और भाजपा सांसद राम जेठमलानी भी नितिन गडकरी से अपनी नाराजगी जाहिर कर चुके हैं. पूर्ति ग्रुप में फर्जी फंडिंग के आरोपों को लेकर राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य जगदीश शेट्टीगर ने भी कहा था कि जिस तरह लालकृष्ण आडवाणी ने हवाला मामले में आरोप लगने के बाद लोकसभा से इस्तीफा दे दिया था, उसी तरह गडकरी को भी भाजपा के अध्यक्ष पद को छोड़ देना चाहिये.

बिहार भाजपा के अध्यक्ष डॉक्टर सी पी ठाकुर ने भी कहा था कि नितिन गडकरी अपने मामले में कोई फैसला खुद करेंगे. वैसे भी व्यावसायियों या उद्योगपतियों के लिए राजनीति में भाग लेना उचित नहीं है. इसके बाद पार्टी के वरिष्ठ नेता यशवंत सिन्हा ने भी कहा है कि नितिन गडकरी दोषी हैं या नहीं, यह अलग मुद्दा है लेकिन उन्हें नैतिक आधार पर इस्तीफा देना चाहिए. एक दिन पहले शत्रुघ्न सिन्हा ने भी साफ कहा था कि वे जेठमलानी और यशवंत सिन्हा की राय से सहमत हैं और नितिन गडकरी मेरे मित्र हैं, लेकिन एक जिम्मेदार पद पर काबिज व्यक्ति को न सिर्फ ईमानदार होना चाहिए, बल्कि ईमानदार दिखना चाहिए.


इस समाचार / लेख पर अपनी प्रतिक्रिया हमें प्रेषित करें

  ई-मेल ई-मेल अन्य विजिटर्स को दिखाई दे । ना दिखाई दे ।
  नाम       स्थान   
  प्रतिक्रिया
   


 
  ▪ हमारे बारे में   ▪ विज्ञापन   |  ▪ उपयोग की शर्तें
2009-10 Raviwar Media Pvt. Ltd., INDIA. feedback@raviwar.com  Powered by Medialab.in