पहला पन्ना प्रतिक्रिया   Font Download   हमसे जुड़ें RSS Contact
larger
smaller
reset

इस अंक में

 

क्यों बढ़ रहा भूख का आंकड़ा

हमारे कुलभूषण को छोड़ दो

भारत व अमेरिका में केमिकल लोचा

सवाल विकास की समझ का

प्रतिरोध के वक्ती सवालों से अलग

गरीबी उन्मूलन के नाम पर मज़ाक

जनमत की बात करिये सरकार

नेपाल पर भारत की चुप्पी

लोहिया काल यानी संसद का स्वर्णिम काल

स्मार्ट विलेज कब स्मार्ट बनेंगे

पाकिस्तान आंदोलन पर नई रोशनी

नर्मदा आंदोलन का मतलब

क्यों बढ़ रहा भूख का आंकड़ा

हमारे कुलभूषण को छोड़ दो

भारत व अमेरिका में केमिकल लोचा

युद्ध के विरुद्ध

किसके साथ किसका विकास

क्या बदल रहा है हिन्दू धर्म का चेहरा?

मोदी, अमेरिका और खेती के सवाल

 
  पहला पन्ना >राजनीति >समाज Print | Share This  

मिस्र में हिंसा के बाद शेयर बाजार लुढ़का

मिस्र में हिंसा के बाद शेयर बाजार लुढ़का

काहिरा. 26 नवंबर 2012 बीबीसी

मोहम्मद मुर्सी


मिस्र के राष्ट्रपति मोहम्मद मुर्सी के खुद को नए व्यापक अधिकार देने के विरोध में रविवार को भी काहिरा में प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाबलों के बीच झड़पें हुई हैं. जजों और गैर-सरकारी संगठनों के मुर्सी का खुलकर विरोध करने के बाद जहाँ शेयर बाजार 10 प्रतिशत गिरा है, वहीं मुस्लिम ब्रदरहुड ने मुर्सी के समर्थन में मंगलवार को रैली का आहवान किया है.गौरतलब है कि फरवरी 2011 में कई महीनों के प्रदर्शनों के बाद दशकों तक मिस्र के राष्ट्रपति रहे होसने मुबारक को सत्ता से हटना पड़ा था और फिर हुए चुनावों में मोहम्मद मुर्सी राष्ट्रपति बने थे.

राष्ट्रपति मुर्सी ने जो व्यापक अधिकार अपनाए हैं उनमें मिस्र की क्रांति के दौरान प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हुई हिंसा और उनकी मौत के मामलों में दोबारा मुकदमा चलाना शामिल है. नए आदेशों के मुताबिक संविधान का मसौदा बना रही सभा के कार्यकाल की अवधि दो महीने बढ़ा दी गई है और असेंबली को भंग करने का अधिकार न्यायपालिका के कार्यक्षेत्र से बाहर कर दिया गया है.

मुर्सी के कार्यकाल में किए गए सभी फैसलों को किसी व्यक्ति, राजनीतिका और सरकारी संस्था के द्वारा समीक्षा से भी बाहर कर दिया गया है. महत्वपूर्ण है कि इन नए व्यापक अधिकारों पर मिस्र की अदालत अपना फैसला नहीं सुना सकती है. रविवार को काहिरा में प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच तहरीर चौक पर झड़पें हुई और पुलिस ने आँसू गैस का इस्तेमाल किया. अमरीकी दूतावास के पास पथराव हुआ लेकिन वहाँ कॉनक्रीट की दीवार बनाए जाने के कारण कोई नुकसान नहीं हुआ.

मुर्सी के नए आदेश के मुताबिक राष्ट्रपति के फैसलों को न्यायिक चुनौती नहीं दी जा सकती है और संविधान बना रही असेंबली को भी भंग नहीं किया जा सकता है. शनिवार को मिस्र के जजों ने इन आदेशों की निंदा की थी और इन्हें न्यायपालिका पर 'अभूतपूर्व हमले' की संज्ञा दी थी.

मुस्लिम ब्रदरहुड की राजनीतिक शाखा की ओर से चुनाव लड़ने वाले मोहम्मद मुर्सी को फिर इस संगठन का समर्थन मिला है और उसने हाल में काहिरा में हुई विशाल रैली के बाद मंगलवार को दोबारा एक रैली का आहवान किया है. हाल में काहिरा में अपने समर्थकों की एक विशाल रैली को संबोधित करते हुए मुर्सी ने अपने नए अधिकारों का बचाव किया था.

राष्ट्रपति मुर्सी ने अपने समर्थकों से कहा था कि वो राजनीतिक, आर्थिक और सामाजिक स्थिरता के रक्षक हैं. हालाँकि जिस समय मुर्सी तहरीर चौक पर अपने समर्थकों को संबोधित कर रहे थे, उसी वक्त मुर्सी के विरोधी काहिरा की अलग- अलग जगहों पर मुर्सी की असीमित शक्तियों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे.


इस समाचार / लेख पर अपनी प्रतिक्रिया हमें प्रेषित करें

  ई-मेल ई-मेल अन्य विजिटर्स को दिखाई दे । ना दिखाई दे ।
  नाम       स्थान   
  प्रतिक्रिया
   


 
  ▪ हमारे बारे में   ▪ विज्ञापन   |  ▪ उपयोग की शर्तें
2009-10 Raviwar Media Pvt. Ltd., INDIA. feedback@raviwar.com  Powered by Medialab.in