पहला पन्ना प्रतिक्रिया   Font Download   हमसे जुड़ें RSS Contact
larger
smaller
reset

इस अंक में

 

क्यों बढ़ रहा भूख का आंकड़ा

हमारे कुलभूषण को छोड़ दो

भारत व अमेरिका में केमिकल लोचा

सवाल विकास की समझ का

प्रतिरोध के वक्ती सवालों से अलग

गरीबी उन्मूलन के नाम पर मज़ाक

जनमत की बात करिये सरकार

नेपाल पर भारत की चुप्पी

लोहिया काल यानी संसद का स्वर्णिम काल

स्मार्ट विलेज कब स्मार्ट बनेंगे

पाकिस्तान आंदोलन पर नई रोशनी

नर्मदा आंदोलन का मतलब

क्यों बढ़ रहा भूख का आंकड़ा

हमारे कुलभूषण को छोड़ दो

भारत व अमेरिका में केमिकल लोचा

युद्ध के विरुद्ध

किसके साथ किसका विकास

क्या बदल रहा है हिन्दू धर्म का चेहरा?

मोदी, अमेरिका और खेती के सवाल

 
  पहला पन्ना >राजनीति >दिल्ली Print | Share This  

जेठमलानी के बाद किसकी बारी?

जेठमलानी के बाद किसकी बारी?

नई दिल्ली. 26 नवंबर 2012

राम जेठमलानी


घोटाले में फंसे भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष नितिन गडकरी के खिलाफ मोर्चा खोलने वाले राज्यसभा के सदस्य राम जेठमलानी को पार्टी ने बाहर का रास्ता दिखा दिया है. पार्टी ने फिलहाल उनके सस्पेंड किये जाने की घोषणा की है. लेकिन सोमवार को पार्टी के संसदीय दल की बैठक में उन्हें पार्टी से निकालने की घोषणा कर दी जाएगी. ऐसे में अब सवाल उठ रहा है कि उनकी ही राह पर चलने वाले भारतीय जनता पार्टी के नेता यशवंत सिन्हा, शत्रुघ्न सिन्हा, महेश जेठमलानी, सीपी ठाकुर और जगदीश शेट्टीगर के साथ भी क्या भारतीय जनता पार्टी कड़ा रुख अपना सकती है?

रविवार को भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता शाहनवाज हुसैन ने कहा कि जेठमलानी को उनकी बयानबाजी के कारण सस्पेंड करने का फैसला किया गया. उन्होंने कहा कि जेठमलानी भाजपा अध्यक्ष के खिलाफ बयानबाजी करते रहे हैं और अब विपक्ष के दोनों नेताओं के खिलाफ बातें कहीं हैं. हम इनके खिलाफ उनके आरोपों का पूरी तरह खंडन करते हैं. पार्टी ने उनके बयानों का कड़ा संज्ञान लिया है.

शाहनवाज हुसैन ने कहा कि राम जेठमलानी ने अध्यक्ष को पत्र लिखा है, जिसमें उन्होंने सुषमा और जेटली के खिलाफ बातें कही हैं. भारतीय जनता पार्टी अपने नेताओं के खिलाफ उनके आरोपों का खंडन करती है. जेठमलानी के आरोप निराधार हैं और इनसे सिर्फ कांग्रेस को मदद मिलेगी.

गौरतलब है कि राम जेठमलानी ने भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष नितिन गडकरी के इस्तीफा देने की मांग करते हुये उनके खिलाफ मोर्चा खोल दिया था. इसके बाद उन्होंने सीबीआई के अध्यक्ष की नियुक्ति को लेकर पार्टी के रुख से अलग पत्र लिखते हुये प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का समर्थन किया था. इसको लेकर पार्टी की सार्वजनिक तौर पर खूब किरकिरी हुई थी.

हालांकि राम जेठमलानी को सस्पेंड करने का निर्णय पार्टी में हो रही बगावत की कोशिशों के कारण लिया गया है. लेकिन नितिन गडकरी को पसंद करने वाले भाजपा नेताओं के सबसे आसान शिकार बने राम जेठमलानी को सस्पेंड करने का उलटा असर भी हो सकता है और बयानबाजी करने वाले नेता सीधे तौर पर पार्टी के इस निर्णय का विरोध भी जता सकते हैं. अगर ऐसा हुआ तो भारतीय जनता पार्टी की लड़ाई सड़क पर आ जाएगी. जाहिर तौर पर इसका लाभ कांग्रेस पार्टी को ही मिलेगा.

भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य महेश जेठमलानी ने पहले ही नितिन गडकरी के खिलाफ मोर्चा खोलते हुये राष्ट्रीय कार्यकारिणी से इस्तीफा दे दिया था. पूर्ति ग्रुप में फर्जी फंडिंग के आरोपों को लेकर राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य जगदीश शेट्टीगर ने भी कहा था कि जिस तरह लालकृष्ण आडवाणी ने हवाला मामले में आरोप लगने के बाद लोकसभा से इस्तीफा दे दिया था, उसी तरह गडकरी को भी भाजपा के अध्यक्ष पद को छोड़ देना चाहिये.

बिहार भाजपा के अध्यक्ष डॉक्टर सी पी ठाकुर ने भी कहा था कि नितिन गडकरी अपने मामले में कोई फैसला खुद करेंगे. वैसे भी व्यावसायियों या उद्योगपतियों के लिए राजनीति में भाग लेना उचित नहीं है. इसके बाद पार्टी के वरिष्ठ नेता यशवंत सिन्हा ने भी कहा है कि नितिन गडकरी दोषी हैं या नहीं, यह अलग मुद्दा है लेकिन उन्हें नैतिक आधार पर इस्तीफा देना चाहिए. एक दिन पहले शत्रुघ्न सिन्हा ने भी साफ कहा था कि वे जेठमलानी और यशवंत सिन्हा की राय से सहमत हैं और नितिन गडकरी मेरे मित्र हैं, लेकिन एक जिम्मेदार पद पर काबिज व्यक्ति को न सिर्फ ईमानदार होना चाहिए, बल्कि ईमानदार दिखना चाहिए.

ऐसी बयानबाजियों के रहते राम जेठमलानी को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखाना इस बगावत पर लगाम लगा पाने में कामयाब फार्मूला होगा, इसकी उम्मीद कम ही है. पार्टी में एक के बाद एक विरोध के कारण भाजपा का हाल क्या होगा, इसको देखने समझने के लिये थोड़ा इंतजार किया जाना चाहिये.


इस समाचार / लेख पर अपनी प्रतिक्रिया हमें प्रेषित करें

  ई-मेल ई-मेल अन्य विजिटर्स को दिखाई दे । ना दिखाई दे ।
  नाम       स्थान   
  प्रतिक्रिया
   


 
  ▪ हमारे बारे में   ▪ विज्ञापन   |  ▪ उपयोग की शर्तें
2009-10 Raviwar Media Pvt. Ltd., INDIA. feedback@raviwar.com  Powered by Medialab.in