पहला पन्ना प्रतिक्रिया   Font Download   हमसे जुड़ें RSS Contact
larger
smaller
reset

इस अंक में

 

क्यों बढ़ रहा भूख का आंकड़ा

हमारे कुलभूषण को छोड़ दो

भारत व अमेरिका में केमिकल लोचा

सवाल विकास की समझ का

प्रतिरोध के वक्ती सवालों से अलग

गरीबी उन्मूलन के नाम पर मज़ाक

जनमत की बात करिये सरकार

नेपाल पर भारत की चुप्पी

लोहिया काल यानी संसद का स्वर्णिम काल

स्मार्ट विलेज कब स्मार्ट बनेंगे

पाकिस्तान आंदोलन पर नई रोशनी

नर्मदा आंदोलन का मतलब

क्यों बढ़ रहा भूख का आंकड़ा

हमारे कुलभूषण को छोड़ दो

भारत व अमेरिका में केमिकल लोचा

युद्ध के विरुद्ध

किसके साथ किसका विकास

क्या बदल रहा है हिन्दू धर्म का चेहरा?

मोदी, अमेरिका और खेती के सवाल

 
  पहला पन्ना >व्यापार >दिल्ली Print | Share This  

जी न्यूज के संपादक गिरफ्तार

जी न्यूज के संपादक गिरफ्तार

नई दिल्ली. 28 नवंबर 2012

नवीन जिंदल


उद्योगपति और कांग्रेस सांसद नवीन जिंदल की शिकायत पर घोटाले की खबर रोकने के लिये कथित रुप से 100 करोड़ मांगने के आरोप में जी न्यूज के प्रमुख सुधीर चौधरी और जी बिजनेस के प्रमुख समीर अहलूवालिया की गिरफ्तारी के साथ ही कुछ और मामले सामने आने की उम्मीद है. इन दोनों वरिष्ठ पत्रकारों के खिलाफ 45 दिन पहले नवीन जिंदल ने शिकायत दर्ज कराई थी. माना जा रहा है कि कुछ और औद्योगिक घराने और पत्रकार भी इसी तरह के आरोप-प्रत्यारोप के साथ मैदान में उतर सकते हैं.

नवीन जिंदल ने आरोप लगाया था कि इन दोनों ने तरह तरह का भ्रष्टाचार कर रहे नवीन ज़िंदल के ग्रुप से इस आधार पर 100 करोड़ रुपए मांगे थे कि वो ज़िंदल और कोयला घोटाले को जोड़ कर कोई रिपोर्ट नहीं करेंगे. नवीन जिंदल के अनुसार जब सुधीर चौधरी और समीर अहलूवालिया इस बारे में ज़िंदल ग्रुप के अधिकारियों के साथ बात कर रहे थे तब ज़िंदल ग्रुप ने उनका एक सीडी बना लिया था.

इस बारे में नवीन जिंदल ने एक प्रेस कांफ्रेस करके सीडी को सार्वजनिक किया था. इसके बाद जी टीवी ने जिंदल के खिलाफ 150 करोड़ के मानहानि का मामला दायर करने की बात कही थी, जबकि बाद में नवीन जिंदल ने 200 करोड़ रुपये का दावा किया था.

इधर जी टीवी का कहना है कि कोलगेट पर जारी लगातार कवरेज को रोकने के लिए उस पर आरोप लगाए गए थे. कोलगेट पर ज़ी न्यूज की कवरेज रोकने के लिए जेएसपीएल की कॉरपोरेट कम्यूनिकेशंस टीम ने सबसे पहले समीर अहलूवालिया को 25 करोड़ रुपए की रिश्वत देने की कोशिश की जिसे समीर ने सिरे से खारिज कर दिया. समीर के रिश्वत लेने से इंकार किए जाने के बाद कोलगेट पर खबरों को रोकने के लिए जेएसपीएल ने 100 करोड़ रुपए के विज्ञापन करार की पेशकश की.

जी न्यूज ने आरोप लगाया था कि जिंदल का इतिहास रहा है कि जो कोई भी सच्चाई के साथ उनका सामना करने का साहस दिखाता है, जिंदल गलत तरीके से उसे अपना निशाना बनाते हैं. 1.86 लाख करोड़ रुपए के कोलगेट घोटाले की सच्चाई सामने लाने वाले ज़ी न्यूज सहित अन्य मीडिया हाउसों का मुंह जिंदल द्वारा बंद कराया जा रहा है. जिंदल सच को गलत रूप में पेश कर रहे हैं और सच्चाई के रास्ते पर चलने वाले लोगों पर मानहानि का आरोप लगा रहे हैं. यहां तक कि नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) ने अपनी रिपोर्ट में कोलगेट घोटाला मामले में नवीन जिंदल को प्राथमिक लाभार्थी बताया है.


इस समाचार / लेख पर अपनी प्रतिक्रिया हमें प्रेषित करें

  ई-मेल ई-मेल अन्य विजिटर्स को दिखाई दे । ना दिखाई दे ।
  नाम       स्थान   
  प्रतिक्रिया
   


 
  ▪ हमारे बारे में   ▪ विज्ञापन   |  ▪ उपयोग की शर्तें
2009-10 Raviwar Media Pvt. Ltd., INDIA. feedback@raviwar.com  Powered by Medialab.in