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बदल सकता है मुद्रास्फिति का आदर्श स्तर

बदल सकता है मुद्रास्फिति का आदर्श स्तर

मुंबई. 3 दिसंबर 2012

RBI


भारतीय रिजर्व बैंक देश के मौजूदा आर्थिक परिदृश्य को देखते हुए जल्द ही मुद्रास्फिति को 4 से 5 तक सीमित करने के अपने लक्ष्य पर पुनर्विचार कर सकती है. रिज़र्व बैंक ने कहा है कि मुद्रास्फिति के आदर्श स्तर को मौजूदा 4-5 फीसदी के स्तर से बढ़ाया भी जा सकता है. देश के केंद्रीय बैंक का यह निर्णय मुद्रास्फिति के स्तर पर उसके रुख में व्यापक बदलाव को दर्शाता है क्योंकि संभवतः रिज़र्व बैंक का भी अब यह मानना है कि उसके द्वारा तय किए गए स्तर को हासिल करना मुश्किल है और ऐसे में इस बदलाव पर विचार करना जरूरी हो गया है.

रिज़र्व बैंक के गर्वनर डी. सुब्बाराव ने रविवार को इंदिरा गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ डेवलेपमेंट रिसर्च में आयोजित एक कार्यक्रम में इस मुद्दे पर बोलते हुए कहा कि मैं यह नहीं कह रहा कि हम इस स्तर को निश्चित तौर पर बदलेंगे लेकिन हम अपनी रणनीति पर नए सिरे से विचार जरूर करेंगे. उल्लेखनीय है कि कि देश की अर्थव्यवस्था लगातार ऊंची मुद्रास्फिति के दबाव में है और अक्टूबर माह मे ये दर 7.45 प्रतिशत रही थी. इस पर सुब्बाराव ने कहा कि चूंकि रिज़र्व बैंक ने 4-5 फीसदी का लक्ष्य इस संकट के पहले तय किया गया था ऐसे में यह जरूरी है कि इस पर पुर्नविचार किया जाए.

उन्होंने यह भी कहा कि अर्थव्यवस्था के कई मोर्चों पर काफी व्यापक बदलाव हुए हैं. घरेलू अर्थव्यवस्था का वैश्विक अर्थव्यवस्था से एकीकरण हुआ है और सरकारी ऋण बढ़ा है जिसकी वजह से महंगाई लगातार ऊंचे स्तर पर बनी हुई है. गौरतलब है कि श्री सुब्बाराव की टिप्पणी ऐसे समय आई है जब देश की सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) विकास दर मौजूदा वित्त वर्श की दूसरी तिमाही में घटकर सिर्फ 5.3 फीसदी रह गई है और मुद्रास्फिति दर लगातार बढ़ रही है. ऐसे में देश में महंगाई काबू में रखने के लिए रिज़र्व बैंक अपनी मौद्रिक नीति पर विचार कर रहा है.


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