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सुप्रीम कोर्ट ने सहारा को हड़काया

सुप्रीम कोर्ट ने सहारा को हड़काया

नई दिल्ली. 3 दिसंबर 2012

supreme court


उच्चतम न्यायालय ने सहारा इंडिया समुह को उसकी दो कंपनियों में निवेशकों द्वारा लगाए गए पैसे समय सीमा के भीतर नहीं लौटाने के लिए कड़ी फटकार लगाई. उच्चतम न्यायालय में जस्टिस अल्तमास कबीर की अध्यक्षता वाली पीठ ने सहारा समूह को लताड़ते हुए कहा है कि निवेशकों के पैसे वापस करने के मामले में आपकी नीयत बहुत डगमगाती हुई दिख रही है. साथ ही पीठ ने सहारा समूह की कंपनियों से पूछा है कि क्या वे एक सप्ताह के भीतर निवेशकों के पैसे लौटाने में सक्षम हैं?

गौरतलब है कि उच्चतम न्यायालय ने अगस्त महीने में सहारा समूह को उसकी दो कंपनियों सहारा इंडिया रियल इस्टेट कॉरपोरेशन लिमिटेड (एसआईआरईसीएल) और सहारा हाउसिंग इंवेस्टमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (एसएचआईसीएल) में आम निवेशकों द्वारा उसमें निवेशित 24,000 करोड़ रुपए लौटाने के आदेश दिए थे. लेकिन समय सीमा के भीतर इस पैसे को नहीं लौटाने के कारण इसमें 3000 करोड़ ब्याज के भी जुड़ गए हैं.

इसके बाद सहारा ने सुप्रीम कोर्ट में इस फैसले के खिलाफ याचिका दायर की थी. कंपनी की ओर से उसके वकील गोपाल सुब्रमणियम ने पूरी राशि के भुगतान करने की विफलता को उचित ठहराने की कोशिश की थी. लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि ऐसी कंपनियों की याचिका कतई सुनने लायक नहीं है और कहा कि इस मसले में सहारा समूह जिस प्रकार से दलीलें दे रहा है वे कतई स्वीकार्य नहीं है.

बाजार की कंपनियों पर नज़र रखने वाली संस्था सेबी ने भी सहारा की याचिका का विरोध किया है. सेबी ने कहा कि वह सहारा की याचिका के ख़िलाफ़ अवमानना याचिका दायर कर चुकी है और सहारा समूह पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए.