पहला पन्ना प्रतिक्रिया   Font Download   हमसे जुड़ें RSS Contact
larger
smaller
reset

इस अंक में

 

क्यों बढ़ रहा भूख का आंकड़ा

हमारे कुलभूषण को छोड़ दो

भारत व अमेरिका में केमिकल लोचा

सवाल विकास की समझ का

प्रतिरोध के वक्ती सवालों से अलग

गरीबी उन्मूलन के नाम पर मज़ाक

जनमत की बात करिये सरकार

नेपाल पर भारत की चुप्पी

लोहिया काल यानी संसद का स्वर्णिम काल

स्मार्ट विलेज कब स्मार्ट बनेंगे

पाकिस्तान आंदोलन पर नई रोशनी

नर्मदा आंदोलन का मतलब

क्यों बढ़ रहा भूख का आंकड़ा

हमारे कुलभूषण को छोड़ दो

भारत व अमेरिका में केमिकल लोचा

युद्ध के विरुद्ध

किसके साथ किसका विकास

क्या बदल रहा है हिन्दू धर्म का चेहरा?

मोदी, अमेरिका और खेती के सवाल

 
  पहला पन्ना >खेल >ओलंपिक Print | Share This  

ओलंपिक एसोसिएशन पर निलंबन का खतरा

ओलंपिक एसोसिएशन पर निलंबन का खतरा

नई दिल्ली. 4 दिसंबर 2012

भारतीय ओलंपिक एसोसिएशन


अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति अगले 24 घंटों में भारतीय ओलंपिक एसोसिएशन को निलंबित कर सकता है. आरोप है कि भारतीय ओलंपिक एसोसिएशन के चुनाव में भारतीय राजनीतिज्ञ अपनी नाक घुसेड़ते रहे हैं और इस कारण पिछले दो सालों से भारतीय ओलंपिक एसोसिएशन का चुनाव निरपेक्ष तरीके से संभव नहीं हो सका है.

अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति ने अपनी नाराजगी जताते हुये कहा है कि भारतीय ओलंपिक एसोसिएशन ने अगर मौजूदा स्थिति में सुधार नहीं किया तो 4-5 दिसम्बर को होने वाली अपने कार्यकारी बोर्ड की बैठक में भारतीय ओलंपिक एसोसिएशन को निलंबित करने का प्रस्ताव रखा जा सकता है. अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति का कहना है कि उसने पहले भी अपनी चिंता से भारतीय ओलंपिक एसोसिएशन से जताई थी. लेकिन इस पर ध्यान नहीं दिया गया. समिति का कहना था कि पिछले 2 सालों से ऐसा हो रहा है लेकिन भारतीय ओलंपिक एसोसिएशन ने हमारी चिंता पर ध्यान देना ज़रुरी नहीं समझा.

भारतीय ओलंपिक एसोसिएशन को लेकर अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति ने कहा है कि भारतीय ओलंपिक एसोसिएशन ने उसके साथ सूचनाओं का आदान-प्रदान भी नहीं किया. इन तमाम कारणों से भारतीय ओलंपिक एसोसिएशन के निलंबन की बात सामने आई है, जिस पर कार्यकारी बोर्ड की बैठक में विचार-विमर्श किया जाएगा.

इधर खबर है कि अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति की चेतावनी मिलने के बाद भारतीय ओलंपिक एसोसिएशन ने हॉकी इंडिया के महासचिव नरेंद्र बत्रा और झारखंड ओलंपिक संघ के वरिष्ठ पदाधिकारी वकील आर के आनंद को अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति के स्विटज़रलैंड स्थित मुख्यालय लुज़ान के लिये रवाना किया गया है, जहां ये दोनों भारत का पक्ष रखेंगे.

दूसरी ओर भारतीय ओलंपिक एसोसिएशन के नवनिर्वाचित अध्यक्ष अभय चौटाला ने दावा किया है कि सारे चुनाव नियम-कानून को ध्यान में रख कर हुये हैं और इस मामले में कहीं भी राजनीति नहीं हुई है. चौटाला ने विश्वास व्यक्त किया है कि उनके अधिकारी अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति को संतुष्ट करने में सफल रहेंगे. उन्होंने कहा कि उनके चुनाव में दूसरे सभी प्रत्याशियों ने अपना नामांकन वापस ले लिया था, इसलिये उन्हें चुना गया. इसके पीछे उन्होंने किसी भी तरह की राजनीति से इंकार किया है.


इस समाचार / लेख पर अपनी प्रतिक्रिया हमें प्रेषित करें

  ई-मेल ई-मेल अन्य विजिटर्स को दिखाई दे । ना दिखाई दे ।
  नाम       स्थान   
  प्रतिक्रिया
   


 
  ▪ हमारे बारे में   ▪ विज्ञापन   |  ▪ उपयोग की शर्तें
2009-10 Raviwar Media Pvt. Ltd., INDIA. feedback@raviwar.com  Powered by Medialab.in