पहला पन्ना प्रतिक्रिया   Font Download   हमसे जुड़ें RSS Contact
larger
smaller
reset

इस अंक में

 

क्यों बढ़ रहा भूख का आंकड़ा

हमारे कुलभूषण को छोड़ दो

भारत व अमेरिका में केमिकल लोचा

सवाल विकास की समझ का

प्रतिरोध के वक्ती सवालों से अलग

गरीबी उन्मूलन के नाम पर मज़ाक

जनमत की बात करिये सरकार

नेपाल पर भारत की चुप्पी

लोहिया काल यानी संसद का स्वर्णिम काल

स्मार्ट विलेज कब स्मार्ट बनेंगे

पाकिस्तान आंदोलन पर नई रोशनी

नर्मदा आंदोलन का मतलब

क्यों बढ़ रहा भूख का आंकड़ा

हमारे कुलभूषण को छोड़ दो

भारत व अमेरिका में केमिकल लोचा

युद्ध के विरुद्ध

किसके साथ किसका विकास

क्या बदल रहा है हिन्दू धर्म का चेहरा?

मोदी, अमेरिका और खेती के सवाल

 
  पहला पन्ना >राजनीति >दिल्ली Print | Share This  

पाकिस्तानी चैनलों के अवैध प्रसारण पर सरकार सख्त

पाकिस्तानी चैनलों के अवैध प्रसारण पर सरकार सख्त

नई दिल्ली. 6 दिसंबर 2012

पाकिस्तानी टीवी


भारत में अवैध रुप से प्रसारित हो रहे पीस टीवी और पाकिस्तानी चैनल क्यूटीवी के लंबे समय से चल रहे प्रसारण से नाराज केंद्र सरकार ने इन चैनलों का प्रसारण करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का निर्णय लिया है. केंद्र सरकार का कहना है कि देश में कम से कम 24 ऐसे चैनल हैं, जो देश का सांस्कृतिक और धार्मिक माहौल खराब कर रहे हैं.

खबरों के अनुसार देश में केबल आपरेटर अवैध तरीके से ऐसे चैनलों की डाउनलिंक कर रहे हैं और उनका प्रसारण कर रहे हैं. इस मुद्दे पर संसद में भी पहले चिंता जताई जा चुकी है लेकिन केबल आपरेटरों पर इसका कोई फर्क नहीं पड़ा है.

भारत सरकार ने खुफिया विभाग की चेतावनी के बाद QTV, मदनी टीवी, ARY टीवी, पीटीवी, पीटीवी होम, पीटीवी वर्ल्ड, जिओ टीवी, डॉन, एक्सप्रेस, वक़त, नूर टीवी, हादी टीवी, आज, फिल्मैक्स, एसटीवी, पीस टीवी, सउदी टीवी, टीवी मालदीव्स, एनटीवी बांग्लादेश, एक्सवाईजेड, नेपाल टीवी, कांतिपुर, अहमदिया, भूटान ब्रॉडकास्टिंग सर्विस जैसे चैनल हैं. इनमें से अधिकांश चैनल पाकिस्तान से प्रसारित हो रहे हैं. आईबी का कहना है कि इन चैनलों के कारण असम, हैदराबाद और श्रीनगर के अलावा देश के दूसरे हिस्सों में भी सांप्रदायिक तनाव बढ़ा है.

केंद्र सरकार ने निर्णय लिया है कि इन प्रतिबंधित चैनलों का प्रसारण करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाये और नियमानुसार जुर्माना भी किया जाये. इसके लिये संसद के मौजूदा सत्र में नया केबल प्रसारण एक्ट भी पेश किये जाने की योजना है.

मेल टुडे ने दावा किया है कि पीटीपी को कारगिल वॉर के दौरान ही बैन कर दिया गया था, लेकिन आज भी कई इलाकों में केबल ऑपरेटर इसका प्रसारण कर रहे हैं. अवैध रूप से दिखाए जा रहे ईरान टीवी पर कुरान के अपमान का विडियो दिखाए जाने के बाद ही जम्मू-कश्मीर में प्रदर्शनों का दौर शुरू हो गया था. इसी तरह से अमेरिका की विवादित फिल्म को लेकर मुंबई में भी लोग उग्र हो उठे थे. इन विदेशी चैनलों में भारतीय सेना की गलत इमेज पेश करके लोगों की भावनाएं भड़काने की कोशिश की जाती है.


इस समाचार / लेख पर अपनी प्रतिक्रिया हमें प्रेषित करें

  ई-मेल ई-मेल अन्य विजिटर्स को दिखाई दे । ना दिखाई दे ।
  नाम       स्थान   
  प्रतिक्रिया
   


 
  ▪ हमारे बारे में   ▪ विज्ञापन   |  ▪ उपयोग की शर्तें
2009-10 Raviwar Media Pvt. Ltd., INDIA. feedback@raviwar.com  Powered by Medialab.in