पहला पन्ना प्रतिक्रिया   Font Download   हमसे जुड़ें RSS Contact
larger
smaller
reset

इस अंक में

 

भीड़ के ढांचे का सच खुल चुका

रिकॉर्ड फसल लेकिन किसान बेहाल

मधुमेह की महामारी कीटनाशक के कारण?

अंतिम सांसे लेता वामपंथ

प्रतिरोध के वक्ती सवालों से अलग

गरीबी उन्मूलन के नाम पर मज़ाक

जनमत की बात करिये सरकार

नेपाल पर भारत की चुप्पी

लोहिया काल यानी संसद का स्वर्णिम काल

स्मार्ट विलेज कब स्मार्ट बनेंगे

पाकिस्तान आंदोलन पर नई रोशनी

नर्मदा आंदोलन का मतलब

भीड़ के ढांचे का सच खुल चुका

रिकॉर्ड फसल लेकिन किसान बेहाल

अंतिम सांसे लेता वामपंथ

युद्ध के विरुद्ध

किसके साथ किसका विकास

क्या बदल रहा है हिन्दू धर्म का चेहरा?

मोदी, अमेरिका और खेती के सवाल

 
  पहला पन्ना >राजनीति > Print | Share This  

केजरीवाल सत्ता और पैसे के लोभी-हज़ारे

केजरीवाल सत्ता और पैसे के लोभी-हज़ारे

नई दिल्ली. 6 दिसंबर 2012

anna hazare


सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हज़ारे ने अपने हालिया बयान से पलटते हुए अपनी टीम के पूर्व सदस्य अरविंद केजरीवाल की आलोचना करते हुए कहा है कि केजरीवाल सिर्फ सत्ता के लोभी हैं. उल्लेखनीय है कि हज़ारे ने कुछ दिन पूर्व ही कहा था कि वे सिर्फ उन्हीं प्रत्याशियों के लिए प्रचार करेंगे जिन्हें केजरीवाल की “आम आदमी पार्टी (आप)” चुनावों में खड़ा करेगी. हालांकि अब उन्होंने केजरीवाल की पार्टी के लिए प्रचार करना तो दूर उसे अपना वोट देने से भी इंकार कर दिया.

एक समाचार चैनल द्वारा आयोजित दो दिवसीय कार्यक्रम में अपने विचार प्रकट करते हुए अन्ना ने केजरीवाल पर जन कर निशाना साधा. उन्होंने केजरीवाल की नीयत पर शक करते हुए कहा कि उनकी पार्टी का ऐजेंडा कहीं न कहीं सिर्फ पैसों पर आधारित है. उन्होंने यह भी कहा कि केजरीवाल को सिर्फ सत्ता की भूख है और उनकी पार्टी अन्य पार्टियों की तरह ‘सत्ता के जरिये धन’ और ‘धन के जरिये सत्ता’ के रास्ते पर जा रही है.

वैसे गौरतलब है कि अन्ना हज़ारे इससे पहले भी बात-बात पर अपने पूर्व सहयोगी केजरीवाल की राजनीतिक मंशा पर प्रश्न खड़ा करते रहे हैं और फिर अपने बयानों से पलटते भी रहे हैं. कभी केजरीवाल की राजनीतिक मंशा को लेकर तो कभी उनकी पार्टी के लिए इंडिया अगेंस्ट करप्शन के नाम के इस्तेमाल को लेकर अन्ना ने केजरीवाल की आलोचना की है.

 

लेकिन केजरीवाल की पार्टी के प्रत्याशियों के लिए वोट करने के उनके हालिया बयान के बाद दोनों के बीच बेहतर संबंधों के बारे में कयास लगाए जा रहे थे. ऐसे में इतना जल्दी अन्ना का अपने बयान से पलटना उनकी विश्वसनीयता पर कहीं न कहीं संदेह पैदा करता है.


इस समाचार / लेख पर अपनी प्रतिक्रिया हमें प्रेषित करें

  ई-मेल ई-मेल अन्य विजिटर्स को दिखाई दे । ना दिखाई दे ।
  नाम       स्थान   
  प्रतिक्रिया
   


 
  ▪ हमारे बारे में   ▪ विज्ञापन   |  ▪ उपयोग की शर्तें
2009-10 Raviwar Media Pvt. Ltd., INDIA. feedback@raviwar.com  Powered by Medialab.in