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90 फीसदी भारतीय बेवकूफ-काटजू

90 फीसदी भारतीय बेवकूफ-काटजू

नई दिल्ली. 6 दिसंबर 2012

markendey katju


भारतीय प्रेस परिषद के प्रमुख जस्टिस मार्कंडेय काटजू का कहना है कि हर 90 फीसदी भारतीय मूर्ख होते हैं और उन्हें धर्म के नाम पर आसानी से बहकाया जा सकता है. उन्होंने एक सेमिनार में बोलते हुए कहा कि हमारे देश में लोग धर्म के नाम पर बहुत आसानी से लड़ने-मरने के लिए तैयार हो जाते हैं क्योंकि उनके दिमाग में अक्ल नाम की चीज़ नहीं होता. जस्टिस काटजू के अनुसार देश की राजधानी दिल्ली में भी महज 2000 रुपए देकर सांप्रदायिक दंगा भड़काया जा सकता है.

उन्होंने कहा कि सांप्रदायिक दंगों को भड़काने के लिए आपको सिर्फ किसी धार्मिक स्थान पर जाकर शरारत करने की जरूरत है और उसके बाद लोग लड़ना शुरु कर देंगे. उनके अनुसार हमारे देश में करोड़पति इंसान भी आसानी से चंद रुपयों के लिए मारने-काटने के लिए तैयार हो जाएगा. ऐसा होने के बाद सब पागल लोग आपस में लड़ना शुरु कर देंते हैं क्योंकि उन्हें अहसास नहीं होता कि इसके पीछे दुस्साहसी तत्व हैं.

उन्होंने कहा, आज 80 प्रतिशत हिन्दू सांप्रदायिक हैं और 80 प्रतिशत मुस्लिम सांप्रदायिक हैं. यह एक कड़वी सच्चाई है लेकिन हम भारतीय पिछले 150 सालों में आगे जाने की बजाय पीछे चले गए हैं. भारत पर ब्रिटिश शासन को इसके लिए जिम्मेदार बताते हुए कहा कि ब्रितानी नीति एकदम साफ थी कि अगर इस देश में राज करना है तो हिंदुओं और मुसलमानों को आपस में लड़वाया जाए.

उन्होंने कहा कि ये दुर्भाग्यपूर्ण है कि आज़ादी के इतने साल बाद भी हम ये समझ नहीं पाए हैं कि ऐसी हरकतें हमारे बीच कटुता पैदा करने के लिए की जाती है. उन्होंने यह भी कहा कि फिलहाल यह दुष्प्रचार चल रहा है कि हिन्दी हिन्दुओं की भाषा है और उर्दू मुस्लिमों की. उनके अनुसार ‘हमारे पूर्वजों ने भी उर्दू पढ़ी है, लेकिन आपको बेवकूफ बनाना बहुत आसान है. आप मूर्ख है, लिहाजा आपको आसानी से बेवकूफ बनाया जा सकता है.’


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