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शराबी को कोर्ट ने दी मंदिर जाने की सजा

शराबी को कोर्ट ने दी मंदिर जाने की सजा

नई दिल्ली. 11 दिसंबर 2012

कोर्ट


शराब पीकर गाड़ी चलाने वाले आरोपी को जेल के बजाये मंदिर भेजे जाने की दिल्ली की एक अदालत के फैसले पर न्यायिक गलियारे में चर्चा बनी हुई है. अदालत के इस तरह के फैसले को लेकर एक तरफ जहां हैरानी जताई जा रही है, वहीं एक बड़े तबके ने अदालत के इस फैसले का स्वागत किया है.

मामला दिल्ली के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश वीरेन्द्र भट की अदालत का है, जहां उत्तर प्रदेश निवासी ट्रक ड्राइवर फूल राम के खिलाफ शराब पी कर ट्रक चलाने का आरोप था. अदालत ने फूल राम की 20 दिन की सजा को माफ करते हुये उसे आदेश दिया कि वह दो महीने तक सप्ताह में एक दिन मंदिर में सामुदायिक सेवा का काम करेगा.

अदालत ने फैसला सुनाते हुये कहा कि अगर आरोपी को सजा सुनाई गई और वह जेल गया तो इससे उसकी नौकरी प्रभावित हो सकती है. इसके अलावा उसका परिवार भी इससे प्रभावित होगा. 30 साल का फूलराम अपने घर का एकमात्र कमाउ आदमी है और एक निजी कंपनी में काम करता है. अदालत ने कहा कि इस समय उसे जेल भेजने से न सिर्फ उसके भविष्य में नौकरी पर बदनुमा दाग लग जायेगा बल्कि इससे उसका परिवार भी प्रभावित होगा. अब अदालत के निर्देशानुसार फूलराम झंडेवालान के निकट स्थित मां कात्यायनी मंदिर में हर सप्ताह एक दिन सामुदायिक सेवा का काम करेगा. यह सेवा का काम उसे दो महीने तक करना होगा.