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शिकार के फंदे में फौजिया खान

शिकार के फंदे में फौजिया खान

मुंबई. 15 दिसंबर 2012

फौजिया खान


जंगली जानवरों का कथित शिकार करने वाली महाराष्ट्र की स्कूली शिक्षा मंत्री फौजिया खान के इस्तीफे की मांग जोर पकड़ती जा रही है. विपक्ष ने कहा है कि जानवरों के साथ ऐसी क्रूरता बरतने वाली फौजिया खान के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जानी चाहिये. फौजिया खान पर इससे पहले आतंकवादी अबू जिंदाल को भी पनाह देने का आरोप लगा था.

गौरतलब है कि इसी साल जून में अपने दक्षिण अफ्रीका दौरे के समय एनसीपी के खाते से मंत्री बनीं फौजिया खान की कई ऐसी तस्वीरें सार्वजनिक हुई थीं, जिनमें वे घायल और मरे हुये जंगली जानवरों के साथ थीं. खून से सने जानवरों की ऐसी कई तस्वीरें उमलीलो सफारी की वेबसाइट पर थीं. दक्षिण अफ्रीका की इस सफारी में जानवरों के शिकार पर कोई प्रतिबंध नहीं है और उमलीलो सफारी के बारे में कहा जाता है कि यहां के प्रबंधक 20 से 50 हजार रुपये तक की रकम लेकर शिकार का प्रबंध करते हैं.

महाराष्ट्र में विपक्ष इस बात को मुद्दा बना रहा है कि जिस देश में स्कूली बच्चों को पर्यावरण बचाने और वन्यजीवों को संरक्षित करने की शिक्षा दी जा रही है, वहां स्कूली शिक्षा मंत्री की ऐसी तस्वीरें प्रतिकूल असर डालने वाली हैं. इस तरह की तस्वीरें बताती हैं कि बच्चों को पर्यावरण और वन्यजीवों का पाठ पढ़ाने वाली शिक्षा मंत्री निजी जीवन में कितनी क्रूर हैं.

इधर इस मुद्दे पर फौजिया खान का दावा है कि उन्होंने ऐसा कोई शिकार नहीं किया था, केवल तस्वीरें खिंचवाई थी. इन तस्वीरों को उमलीलो सफारी ने अपनी वेबसाइट पर डाल कर उनकी निजता का हनन किया है. फौजिया खान ने कहा कि उन्होंने अफ्रीका में जानवरों का शिकार नहीं किया, बल्कि उनके दोस्तों ने जो जानवर मारे, उनके साथ शिकारी की ड्रेस में उन्होंने सिर्फ तस्वीरें खिंचवाई थी.

इससे पहले पुणे जिले के बारामती में एनसीपी के ही मंत्री रहे धर्मराव बाबा आत्राम पर चिंकारा के शिकार का आरोप लगा था और वन विभाग ने उनके घर से चिंकारा की अधजली चमड़ी बरामद की थी. इसके बाद धर्मराव बाबा आत्राम को मंत्रीमंडल से विदा होना पड़ा था.

 

इस समाचार / लेख पर पाठकों की प्रतिक्रियाएँ

 
 

Rathore [smomct@yahoo.com] Haldwani - 2012-12-15 09:14:42

 
  It is unfortunate for the country, where such people became minister and holding power. 
   
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