पहला पन्ना >राजनीति >दिल्ली Print | Share This  

केजरीवाल के खिलाफ कॉपीराइट की शिकायत

केजरीवाल के खिलाफ कॉपीराइट की शिकायत

नई दिल्ली. 17 दिसंबर 2012

अरविंद केजरीवाल


आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल की किताब स्वराज को लेकर बंबावड गांव के रहने वाले समाजसेवी अजयपाल नागर ने कॉपीराइट कानून के उल्लंघन का आरोप लगाया है. अजयपाल नागर ने अरविंद केजरीवाल और उनके आठ साथियों के खिलाफ बजाप्ता बादलपुर थाने में तहरीर दी है.

गौरतलब है कि पिछले दिनों अरविंद केजरीवाल की हार्पर कॉलिंस पब्लिशर्स इंडिया से स्वराज नाम से किताब आई थी. 175 पृष्ठों की इस किताब की भूमिका अन्ना हजारे ने लिखी है और कहा है कि यह किताब व्यवस्था-परिवर्तन और भ्रष्टाचार के खिलाफ हमारे आंदोलन का घोषणा-पत्र है और देश में असली स्वराज लाने का प्रभावशाली मॉडल भी. अब इसी किताब को लेकर कॉपीराइट के उल्लंघन की बात कही जा रही है.

बंबावड गांव के अजयपाल नागर का कहना है कि उनकी किताब राज्य व्यवस्था को ही अरविंद केजरीवाल ने स्वराज के नाम से प्रकाशित किया है. यह किताब उन्होंने केजरीवाल को डाक के माध्यम से भेंट की थी. नागर का कहना है कि अरविंद केजरीवाल व उनके साथियों ने जान-बूझकर कपट किया है. वह किताब के मूल लेखक नहीं हैं और भारतीय राज्य व्यवस्था पर उनका कोई नैतिक अधिकार नहीं है. अरविंद केजरीवाल और उनके साथियों द्वारा जान-बूझकर अवैध तरीके से किताब की रचना की गई है.

इधर इस आरोप को लेकर आम आदमी पार्टी के प्रवक्ता मनीष सिसौदिया ने कहा कि स्वराज हमारा आइडिया है, ऐसा हम खुद भी नहीं मानते. स्वराज तो भारतीय शासन प्रणाली रही है और गांधीजी, तिलक, जयप्रकाश नारायण जैसे लोगों ने इस प्रणाली को सीखा. हमने तो केवल उसे शब्द दिये हैं. ऐसे में कॉपीराइट कानून के उल्लंघन का सवाल ही कहीं होता है.