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टाटा ने मनमोहन से कहा-माफ कर दो

टाटा ने मनमोहन से कहा-माफ कर दो

नई दिल्ली. 21 दिसंबर 2012

रतन टाटा


मनमोहन सिंह सरकार की कड़ी आलोचना करने वाले रतन टाटा ने अब पत्र लिख कर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से माफी मांगी है और कहा है कि 'फाइनेंशियल टाइम्स' में जो कुछ छपा है, वह सही नहीं है. रतन टाटा ने अप ने पत्र में कहा है कि 'फाइनेंशियल टाइम्स' ने उनके कहे को तोड़-मरोड़ कर पेश किया है.

गौरतलब है कि रतन टाटा ने फाइनेंशियल टाइम्स को दिये एक साक्षात्कार में मनमोहन सिंह की सरकार को लेकर कई कड़े सवाल खड़े किये थे. अपने साक्षात्कार में रतन टाटा ने मनमोहन सिंह सरकार पर आरोप लगाते हुये कहा था कि आपको प्रधानमंत्री दफ्तर से कुछ और कहा जाता है लेकिन विभाग के मंत्री का कुछ और नजरिया होता है. दूसरे देशों में ऐसा नहीं होता है. एक स्टील प्लांट की अनुमति पाने के लिए आप सात या आठ साल का इंतजार नहीं कर सकते. अपने साक्षात्कार में रतन टाटा ने आरोप लगाया था कि केंद्र की मनमोहन सिंह सरकार औद्योगिक मामलों में सही फैसले नहीं ले पाती है जिसकी वजह से देश का घरेलू उद्योग विकास नहीं कर पा रहा है. उद्योग घंधे के विकास के लिए सरकार का सहयोग जरुरी है. मैं समझता हूं कि अगर भारतीय उद्योगों को भी सरकार से सहयोग मिले तो वो चीन के उद्योगों की बराबरी कर सकते हैं.

जब इस साक्षात्कार को लेकर सनसनी फैली तो रतन टाटा ने फाइनेंशियल टाइम्स पर ही साक्षात्कार को गलत तरीके से पेश किये जाने का आरोप लगाया है. रतन टाटा ने प्रधानमंत्री से माफी मांगते हुये अपने एक पत्र में लिखा है कि मैं हमेशा से आपका बहुत बड़ा प्रशंसक रहा हूं. लंदन के 'फाइनेंशियल टाइम्स' को दिए गए साक्षात्कार को पढ़कर मुझे झटका लगा. साक्षात्कार में छपी बातें पूरी तरह से गलत हैं. साथ ही साक्षात्कार की हेडलाइन सनसनी फैलानेवाली थी.

रतन टाटा ने अपने साक्षात्कार का ठीकरा मीडिया पर फोड़ते हुये कहा है कि मैं इसके लिए केवल माफी मांग सकता हूं कि मीडिया के तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर पेश किए जाने की वजह से सरकार को शर्मिंदगी का सामना करना पड़ा. रतन टाटा का कहना है कि साक्षात्कार में उन्होंने जो कहा था, उसे संदर्भ से काट कर पेश किया गया है.


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