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रेप कानून में बदलाव के लिये कमेटी

रेप कानून में बदलाव के लिये कमेटी

नई दिल्ली. 24 दिसंबर 2012

रेप


केंद्र सरकार ने गैंग रेप की घटना के बाद देश भर में चल रहे विरोध प्रदर्शन के बीच रेप से संबंधित कानूनों में बदलाव के लिये कमेटी का गठन कर दिया है. रेप और छेड़छाड़ से संबंधित कानून की समीक्षा के लिए कमेटी के गठन की अधिसूचना भी गृह मंत्रालय ने जारी कर दी है. इस कमेटी में गृहमंत्री, रक्षा मंत्री, कानून मंत्री, महिला एवं बाल विकास मंत्री, वित्त मंत्री के अलावा कानूनविद जस्टिस जेएस वर्मा और लीला सेठ तथा गोपाल सुब्रमण्यम शामिल किये गये हैं. यह कमेटी इस नोटिफिकेशन पर तीस दिनों के अंदर अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी.

गृह मंत्रालय द्वारा जारी इस अधिसूचना में कहा गया है कि मौजूदा कानून में संशोधन आवश्यक था क्योंकि इस कानून के जरिए पीड़िता को न्याय मिलने में देरी हो रही थी और दोषियों को सजा भी कम मिल रही थी. ऐसे में इस अधिसूचना के तहत सरकार ने इन दोनों क्षेत्रों में संशोधन का प्रस्ताव दिया है और इस प्रस्ताव में बलात्कार के मामले के लिए भारतीय दंड संहिता की धारा 376 में संशोधन करने और सीआरपीसी में संशोधन कर बलात्कार के मामलों में दोषी को जमानत न दिए जाने के साथ साथ पेरोल पर न छोडऩे की सिफारिश की गई है.

रेप मामलों को लेकर जारी इस अधिसूचना में इस बात का भी उल्लेख है कि बलात्कार के दोषियों के लिए सजा ए मौत देने पर विचार किया जाए. इसके साथ ही एविडेंस एक्ट में भी सुधार की सिफारिश की गई है जिसमें पीड़िता के बयान और सरकारी वकील के तर्कों को ही साक्ष्य मानकर न्यायालय उस पर दोषी पर सजा मुकर्रर करे.