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सेक्स से इंकार या करार

सेक्स से इंकार या करार

मुंबई. 25 दिसंबर 2012

चित्रांगदा सिंह


निर्माता प्रकाश झा और निर्देशक सुधीर मिश्रा की फिल्म ‘इंकार’ को लेकर चर्चा है कि फिल्म पर सेंसर बोर्ड पर्याप्त कैंची चला सकता है. फिल्म को लेकर अभी से विवाद पैदा करने की कोशिश के बीच फिल्म के निर्देशक सुधीर मिश्रा खुद ही यह प्रचापित करते फिर रहे हैं कि फिल्म में 262 बार सेक्स शब्द का इस्तेमाल किया गया है. जाहिर है, यह सब कुछ ‘बदनाम होंगे तो क्या नाम न होगा’ की तर्ज पर किया जा रहा है, जिससे फिल्म को प्रचार मिल सके.

‘इंकार’ फिल्म काम करने वाली जगहों पर यौन प्रताड़ना को लेकर बनाई गई है. फिल्म के हीरो अर्जुन रामपाल और चित्रांगदा सिंह एक दूसरे पर यौन प्रताड़ना का आरोप लगाते हैं और फिल्म की कहानी बढ़ती है. फिल्म का ढाई मिनट का ट्रेलर दर्शकों के बीच है और यह ट्रेलर बताता है कि सुधीर मिश्रा भी देह को भुनाने की कोशिश में जुट गये हैं. हालांकि ‘इंकार’ को लेकर कहा गया है कि यह सुभाष घई की फिल्म ऐतराज से प्रभावित है. लेकिन सुधीर मिश्रा अपनी फिल्म ‘इंकार’ को लेकर नकल के आरोप से इंकार की मुद्रा में हैं.

लेकिन सुधीर मिश्रा और प्रकाश झा की टीम ‘इंकार’ में सेक्स को जिस तरह से भुनाने की कोशिश में जुटी हुई है, उससे यह बात तो बहुत साफ समझ में आती है कि फिल्म विशुद्ध रुप से मसालेदार है और इसमें किसी गंभीरता की तलाश करना मूर्खता होगी. दसवें दर्जन के मनोरंजन का जो पाठ पिछले 20 सालों में शुरु हुआ है, इंकार भी उसी का विस्तार है. चुंबनों और सेक्स दृश्यों से लदे-फदे फिल्मों का जो हश्र हुआ, इंकार उससे कहीं आगे निकल पाएगी, इसकी उम्मीद भी करना ठीक नहीं होगा.


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