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किंगफिशर ने पेश की रिवाइवल रिपोर्ट

किंगफिशर ने पेश की रिवाइवल रिपोर्ट

नई दिल्ली. 25 दिसंबर 2012

किंगफिशर एयरलाइंस


फैशन शो और आईपीएल कराने के लिये मशहूर विजय माल्या की कंपनी किंगफिशर एयरलाइंस ने एक बार फिर से अपनी विमानन सेवाओं को शुरु करने की योजना नागरिक उड्डयन महानिदेशालय को सौंपी है. लगातार घाटे के कारण हिस्सेदारी बेचने समेत तमाम तरह की खबरों के बीच किंगफिशर एयरलाइंस की रिवाइवल रिपोर्ट के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि किंगफिशर एयरलाइंस के हवाई जहाज आकाश में आ सकते हैं.

इससे पहले किंगफिशर एयरलाइंस ने कहा था कि वह संयुक्त अरब अमिरात की एतिहाद एयरवेज़ समेत कुछ और निवेशकों से हिस्सेदारी खरीदने की प्रक्रिया में है. किंगफिशर एयरलाइंस ने कहा था कि अभी तक यह तय नहीं हुआ है कि वह कितनी फीसदी हिस्सेदारी बेचने वाली है. हालांकि व्यवसायिक घरानों में चर्चा है कि किंगफिशर एयरलाइंस 48 फीसदी हिस्सेदारी बेचेगी.

आईपीएल, फैशन शो करवा कर करोड़ो रुपये खर्च करने वाले विजय माल्या की किंगफिशर पर करीब एक अरब चालीस करोड़ डॉलर का कर्ज़ है. 2005 में शुरु हुई किंगफिशर एयरलाइंस शुरु से ही घाटे में रही है. अब हालत ये है कि किंगफिशर एयरलाइंस को कर्जदाताओं ने आगे कर्ज देने को मना कर दिया है और कर्मचारी लंबे समय से वेतन नहीं मिलने के कारण हड़ताल पर है. किंगफिशर एयरलाइंस की कई उड़ाने बंद हो गई हैं. इसके बाद किंगफिशर एयरलाइंस ने अपनी हिस्सेदारी बेचने का निर्णय लिया.

किंगफिशर एयरलाइंस ने एक बयान जारी करते हुये कहा कि हम इस बात की पुष्टि करना चाहते हैं कि कंपनी हिस्सेदारी खरीदने के लिए कई निवेशकों से बातचीत कर रही है, जिनमें एतिहाद एयरवेज़ भी शामिल है. बातचीत अभी शुरुआती स्तर पर है और किसी तरह की डील नहीं हुई है. 30 सितंबर, 2012 की स्थिति के मुताबिक, किंगफिशर एयरलाइंस में प्रमोटरों की हिस्सेदारी 35.83 फीसदी, एफआईआई की 2.46 फीसदी, डीआईआई की 13.15 फीसदी व अन्य की हिस्सेदारी 48.56 फीसदी के स्तर पर थी.

अब किंगफिशर एयरलाइंस की रिवाइवल रिपोर्ट आने के बाद माना जा रहा है कि कंपनी में हिस्सेदारी का सौदा हो चुका है. ऐसे में कहा जा रहा है कि यह खबर किंगफिशर एयरलाइंस के लोगों के लिये राहत भरी हो सकती है, जो लगभग साल भर से बुरी हालत में हैं.


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