पहला पन्ना प्रतिक्रिया   Font Download   हमसे जुड़ें RSS Contact
larger
smaller
reset

इस अंक में

 

क्यों बढ़ रहा भूख का आंकड़ा

हमारे कुलभूषण को छोड़ दो

भारत व अमेरिका में केमिकल लोचा

सवाल विकास की समझ का

प्रतिरोध के वक्ती सवालों से अलग

गरीबी उन्मूलन के नाम पर मज़ाक

जनमत की बात करिये सरकार

नेपाल पर भारत की चुप्पी

लोहिया काल यानी संसद का स्वर्णिम काल

स्मार्ट विलेज कब स्मार्ट बनेंगे

पाकिस्तान आंदोलन पर नई रोशनी

नर्मदा आंदोलन का मतलब

क्यों बढ़ रहा भूख का आंकड़ा

हमारे कुलभूषण को छोड़ दो

भारत व अमेरिका में केमिकल लोचा

युद्ध के विरुद्ध

किसके साथ किसका विकास

क्या बदल रहा है हिन्दू धर्म का चेहरा?

मोदी, अमेरिका और खेती के सवाल

 
  पहला पन्ना >राजनीति >बात Print | Share This  

राष्ट्रपति के 1 घंटे के लिये फूंके 198 लाख

राष्ट्रपति के 1 घंटे के लिये फूंके 198 लाख

बेलगाम. 26 दिसंबर 2012

प्रणव मुखर्जी


कर्नाटक के नए विधानसभा भवन के उद्घाटन के लिये राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी के बेलगाम दौरे पर राज्य सरकार ने 198 लाख फूंक दिये. राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी के आगमन की तारीख तय होने के साथ ही सबसे पहले सर्किट हाउस को सजाया संवारा गया. इस सर्किट हाउस की मरम्मत के लिये 161 लाख खर्च कर दिये गये. यहां तक कि जिस कमरे में राष्ट्रपति ठहरे थे, उसे सजाने के नाम पर आम जनता की गाढ़ी कमाई के 37 लाख रुपये उड़ा दिये गये. इससे पहले भी पिछले दो सालों में इस सर्किट हाउस के नाम पर 50 लाख रुपये खर्च किये जा चुके थे.

गौरतलब है कि अक्टूबर में राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी 400 करोड़ रुपए से निर्मित कर्नाटक के दूसरे विधान परिसर सुवर्ण सौंध विधानसभा का उद्घाटन करने के लिये बेलगाम आये थे. उनका यह दौरा उस समय भी चर्चा में आया था, जब महाराष्ट्र के राज नेताओं ने राष्ट्रपति से कहा था कि वह कर्नाटक के अनावश्यक दावे वाले बेलगाम में बने इस भवन का उद्घाटन नहीं करें. इन नेताओं का कहना था कि बेलगाम महाराष्ट्र का हिस्सा है, लेकिन कर्नाटक का तर्क था कि केंद्र सरकार ने अगस्त 1967 में महाजन आयोग को नियुक्त कर मामला सुलझा दिया था.

अब आरटीआई कार्यकर्ता भीमप्पा गाडा की एक सूचना के अधिकार से यह जानकारी सामने आई है कि राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी बमुश्किल एक घंटे जिस सर्किट हाउस में ठहरे, उसकी मरम्मत और साज सज्जा में 198 लाख रुपये खर्च कर दिये गये. माना जा रहा है कि इससे पहले के दो साल में भी इस सर्किट हाउस पर 32 लाख और 18 लाख रुपये खर्च किये जा चुके हैं. ऐसे में इतनी बड़ी रकम राष्ट्रपति के नाम पर खर्च करना कई सवाल खड़े कर रहा है. भीमप्पा गाडा ने कहा है कि इस मामले की जांच कराई जाये तो एक बड़ा घोटाला सामने आ सकता है.


इस समाचार / लेख पर अपनी प्रतिक्रिया हमें प्रेषित करें

  ई-मेल ई-मेल अन्य विजिटर्स को दिखाई दे । ना दिखाई दे ।
  नाम       स्थान   
  प्रतिक्रिया
   


 
  ▪ हमारे बारे में   ▪ विज्ञापन   |  ▪ उपयोग की शर्तें
2009-10 Raviwar Media Pvt. Ltd., INDIA. feedback@raviwar.com  Powered by Medialab.in