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राष्ट्रपति के बेटे के गैंगरेप बयान पर बवाल

राष्ट्रपति के बेटे के गैंगरेप बयान पर बवाल

नई दिल्ली. 27 दिसंबर 2012

अभिजीत मुखर्जी


राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी के बेटे सांसद अभिजीत मुखर्जी ने दिल्ली गैंगरेप को लेकर हो रहे प्रदर्शन को लेकर कहा है कि भारत में हाथ में मोमबत्ती जलाकर मार्च करना, डिस्कोथेक जाना-हमने भी छात्र जीवन में ये सब किया है. जो छात्र होने का दावा कर रही है, उनमें कई खूबसूरत महिलाएं हैं जो बहुत सजी-संवरी हैं. वो टीवी पर साक्षात्कार दे रही हैं, अपने साथ बच्चों को लाई हैं. मुझे शक़ है कि ये असल में छात्र हैं क्योंकि ज़्यादातर इस उम्र की महिलाएं छात्र नहीं होतीं.

अभिजीत मुखर्जी ने कहा कि हम भी छात्र रहे हैं और कॉलेज गए हैं, जानते हैं कि कॉलेज के बच्चे कैसे होते हैं. रात में डिस्को जाना और कैंडल लेकर सड़कों पर उतरना फैशन हो गया है. सुंदर-सुंदर महिलाएं सज-धज कर बच्चों के साथ विरोध करने आती हैं. मुझे तो नहीं लगता कि वे स्टूडेंट होती भी हैं. राजनीतिक पार्टियां अपने हितों को साधने के लिए इस तरह का आंदोलन करवा रही हैं.

राष्ट्रपति के बेटे अभिजीत मुखर्जी ने कहा कि ये एक तरह का 'पिंक रेवोल्यूशन' है. हाथ में मोमबत्ती जला कर सड़कों पर आना फ़ैशन बन गया है. जो महिलाएं विरोध प्रदर्शन कर रही हैं उन्हें ज़मीनी हक़ीकत नहीं पता है. ये सजी संवरी महिलाएं पहले डिस्कोथेक में गईं और फिर इस गैंगरेप के खिलाफ़ विरोध दिखाने इंडिया गेट पर पहुंची.

इधर अभिजीत के बयान को लेकर जब विवाद शुरु हुआ तो उनकी बहन शर्मिष्ठा मुखर्जी ने इस बयान पर आश्चर्य व्यक्त करते हुये कहा कि वह अपने भाई से सहमत नहीं हैं. उन्होंने कहा कि मुझे उनके बयान से धक्का लगा. मैं गारंटी के साथ कह सकती हूं कि मेरे पिता कभी इस बयान से सहमत नहीं होंगे. मुझे नहीं पता कि उन्होंने यह बयान क्यों और किस सन्दर्भ में दिया, लेकिन ये असंवेदनशील है और मैं शर्मिंदा हूं. उन्होंने कहा कि मैं उनकी तरफ से सबसे माफी मांगती हूं. इधर कॉंग्रेस पार्टी ने अभिजीत के बयान को दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया है लेकिन पार्टी ने कहा है कि ये उनके 'निजी विचार' हैं.


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