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गैंगरेप कांडः शीला दीक्षित पर भड़के लोग

गैंगरेप कांडः शीला दीक्षित पर भड़के लोग

नई दिल्ली. 29 दिसंबर 2012

शीला दीक्षित


दिल्ली में गैंगरेप की शिकार लड़की की मौत के बाद विरोध प्रदर्शन कर रहे लोगों ने शनिवार को दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के खिलाफ जम कर गुस्सा निकाला. प्रदर्शनकारियों ने इंडिया गेट और रायसीना हिल्स पर जबर्दस्त सुरक्षा इंतजाम के खिलाफ नारेबाजी की. हालांकि सरकार ने प्रदर्शनकारियों को एकजुट होने से रोकने के लिये मेट्रो स्टेशन बंद करने जैसे काम भी किये थे.

गैंगरेप की पीड़ित लड़की की मौत के साथ ही सुबह से प्रदर्शनाकरियों के एकजुट होने का सिलसिला चल रहा था और लोग जंतर-मंतर पर धरने में बैठे हुये थे. आम आदमी पार्टी के नेता अरविन्द केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और कुमार विश्वास भी प्रदर्शनकारियों के साथ धरने पर बैठे. उनके समर्थक मुंह पर काली पटटी बांधे हुए थे. अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट किया- रेप विक्टिम की मौत हम सभी के लिए शर्म की बात है. आइए प्रण करें कि हम उसकी कुर्बानी व्यर्थ नहीं जाने देंगे. केजरीवाल ने सवाल किया कि क्या हम उस छात्रा की मौत के लिए जिम्मेदार नहीं हैं ? क्या हम ऐसा कुछ कर सकते हैं कि देश की आधी आबादी हमारे बीच सुरक्षित महसूस कर सके?

दोपहर में जब दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित जंतर-मंतर पर पहुंची तो भीड़ ने उन्हें घेर लिया. अधिकारियों का कहना है कि प्रदर्शन कर रहे लोगों ने जैसे ही शीला दीक्षित को देखा शांति से बैठे प्रदर्शनकारी उनकी तरफ बढ़े और घेरकर नारेबाजी करने लगे. इसके बाद शीला दीक्षित वापस लौट गईं.

इधर यूपीए प्रमुख सोनिया गाँधी ने कहा है कि एक औरत और माँ होने के नाते वो लोगों का दर्द समझती हैं. उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने अपनी आवाज उठाई है, मैं उन्हें ये आश्वासन देना चाहूँगी कि उनकी आवाज सुनी गई है और उनका संघर्ष व्यर्थ नहीं जाएगा.

एक बयान में सोनिया गाँधी ने कहा कि वो पीड़ित लड़की की हिम्मत और इच्छाशक्ति की दाद देती हैं और लोगों का संघर्ष बेकार नहीं जाएगा. सोनिया गांधी ने कहा कि इस घटना ने हमारे निश्चय को और दृढ़ किया है कि हम महिलाओं की सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर करने के लिए और इंतजाम करेंगे. हम इस बात की कोशिश करेंगे कि इसके लिए जिम्मेदार लोगों को जल्दी से जल्दी कड़ी से कड़ी सजा मिले. सोनिया गाँधी ने कहा कि इससे हमारे उस निश्चय को और बल मिलता है कि समाज के उस रवैये के खिलाफ संघर्ष करें जिसके तहत पुरुष महिलाओं के खिलाफ बलात्कार और छेड़छाड़ जैसी घटनाओं को अंजाम देते हैं.