पहला पन्ना प्रतिक्रिया   Font Download   हमसे जुड़ें RSS Contact
larger
smaller
reset

इस अंक में

 

क्यों बढ़ रहा भूख का आंकड़ा

हमारे कुलभूषण को छोड़ दो

भारत व अमेरिका में केमिकल लोचा

सवाल विकास की समझ का

प्रतिरोध के वक्ती सवालों से अलग

गरीबी उन्मूलन के नाम पर मज़ाक

जनमत की बात करिये सरकार

नेपाल पर भारत की चुप्पी

लोहिया काल यानी संसद का स्वर्णिम काल

स्मार्ट विलेज कब स्मार्ट बनेंगे

पाकिस्तान आंदोलन पर नई रोशनी

नर्मदा आंदोलन का मतलब

क्यों बढ़ रहा भूख का आंकड़ा

हमारे कुलभूषण को छोड़ दो

भारत व अमेरिका में केमिकल लोचा

युद्ध के विरुद्ध

किसके साथ किसका विकास

क्या बदल रहा है हिन्दू धर्म का चेहरा?

मोदी, अमेरिका और खेती के सवाल

 
  पहला पन्ना > > Print | Share This  

बलात्कार के खिलाफ हो कड़े कानून: मून

बलात्कार के खिलाफ हो कड़े कानून: मून

संयुक्त राष्ट्र. 30 दिसंबर 2012

ban ki moon


संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की मून ने दिल्ली गैंगरेप घटना पर गहरा दुख जताते हुए कहा है कि भारत सरकार इस तरह की घिनौनी वारदातों को रोकने के लिए अपने कानून में जरूरी बदलाव करे. मून ने एक आधिकारिक बयान जारी कर कहा है कि महिलाओं के साथ हो रहे ऐसे घृणित अपराधों को किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

अपने बयान में मून ने भारतीय सरकार द्वारा बलात्कार की घटनाओं को रोकने के लिए उठाए जा रहे तात्कालिक कदमों की सराहना भी की. पीड़िता के माता-पिता, परिवार और मित्रों के प्रति गहरी संवदेना प्रकट करते हुए मून ने कहा कि वह चाहते हैं कि इन घिनौनी वारदात को अंजाम देने वाले अपराधियों को कड़ी से कड़ी सज़ा दी जाए. उन्होंने कहा कि हर लड़की को चाहे वो किसी भी देश में रहती हो को इज्जत से साथ जीने का अधिकार प्राप्त है.

अपने बयान में मून ने भारत सरकार से दुष्कर्म संबंधी मामलों में कड़े कानून बनाए जाने और उन्हें सख्ती से लागू किए जाने की भी मांग की है. उन्होंने इस तरह के अपराधों को रोकने के लिए सुधारों और गुनाहगारों को न्याय के जद में लाने के लिए आगे कदम उठाने का भी आह्वान किया है.

उल्लेखनीय है कि दिल्ली में 16 दिसंबर की रात को इस लड़की से चलती बस में सामूहिक बलात्कार किया गया और फिर बुरी तरह पीटा गया था जिसके बाद से उसका दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में इलाज चल रहा था.

दिल्ली में इलाज के दौरान लड़की की हालत लगातार गंभीर बनी रही थी और उसे वेंटीलेटर पर रखा गया था. डॉक्टर उसकी आंतों को पहले ही निकाल चुके थे. पीड़िता की हालत में सुधार न आते देख उसे सिंगापुर बेहतर इलाज के लिए भेजा गया था जहां शनिवार तड़के उसका निधन हो गया.
 


इस समाचार / लेख पर अपनी प्रतिक्रिया हमें प्रेषित करें

  ई-मेल ई-मेल अन्य विजिटर्स को दिखाई दे । ना दिखाई दे ।
  नाम       स्थान   
  प्रतिक्रिया
   


 
  ▪ हमारे बारे में   ▪ विज्ञापन   |  ▪ उपयोग की शर्तें
2009-10 Raviwar Media Pvt. Ltd., INDIA. feedback@raviwar.com  Powered by Medialab.in