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चाय बागान मालिक को मार कर खा गये मांस

चाय बागान मालिक को मार कर खा गये मांस

गुवाहाटी. 2 जनवरी 2013

चाय बगान


असम के कुनापाथर एस्टेट में चाय बगान मालिक मृदुल भट्टाचार्य की हत्या करने के बाद उनके शरीर के छोटे-छोट टुकड़े कर दिये गये थे और बाद में उन टुकड़ों को बंगले में लगी आग में डाल दिया गया था. हत्यारों ने बाद में उन टुकड़ों को खाया भी. यह सनसनीखेज दास्तान खुद हत्यारों ने बयान की है.

गौरतलब है कि तिनसुकिया जिले के बोरडुमसा पुलिस थाने के तहत कुनापाथर एस्टेट में एमकेबी चाय बगान के मालिक भट्टाचार्य और उनकी पत्नी रीता की 27 दिसंबर को हत्या कर दी गई थी. इसके अलावा उनके घर को जला कर दोनों के शव को उसी में फेंक दिया गया था. आरोप था कि वेतन नहीं मिलने से नाराज 8 लोगों ने चाय बगान के मजदूरों के साथ मृदुल भट्टाचार्य के बंगले पर हमला बोला और उनकी हत्या करके घर को आग के हवाले कर दिया. आरोपियों ने उनके घर के अलावा दो गाड़ियों में भी आग लगा दी थी.

इलाके के अडिशनल एसपी ए. बासुमात्रे के अनुसार इस घटना का मुख्य आरोपी मानेश्वर मुरा पहले मृदुल के यहां ही काम करता था. लेकिन 3 साल पहले उसे नौकरी से निकाल दिया गया था. बाद में मानेश्वर ने पड़ोस के चाय बगान में काम करना शुरु कर दिया. इस मामले में मानेश्वर मुरा, जितेन मुरा, संतोष मुरा और टाटुस टोपनो समेत 8 लोगों को गिरफ्तार किया है.

मानेश्वर मुरा, जितेन मुरा, संतोष मुरा और टाटुस टोपनो समेत अन्य आरोपियों ने अपने बयान में स्वीकार किया है कि एक सुनियोजित योजना के तहत सभी लोगों ने असंतुष्ट मजदूरों की भीड़ के साथ चाय बागान मालिक के बंगले पर धावा बोला और इसके बाद उन्होंने मृदुल भट्टाचार्य को छोटे-छोटे टुकड़ों में काट कर बंगले को आग लगा दी. इन आरोपियों ने बाद में भट्टाचार्य के झुलसे हुए मांस के टुकड़े खाए और लूटपाट भी की.

इन दुःसाहसी हत्यारों ने बंगले को आग लगाने की घटना का वीडियो बना कर उसे स्थानीय टीवी चैनलों को भी भेजा और मामले को दूसरा ही रंग देने की कोशिश की. उन्होंने यह साबित करने की कोशिश की कि मजदूरों ने विद्रोह करते हुये मृदुल भट्टाचार्य के घर में आग लगा दी, जिसमें मृदुल और उनकी पत्नी की मौत हो गई. इधर इस घटना के बाद राज्य सरकार ने पूरे मामले की जांच के आदेश जारी किये हैं.


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