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मोदी को सुप्रीम कोर्ट से भी झटका

मोदी को सुप्रीम कोर्ट से भी झटका

नई दिल्ली. 2 जनवरी 2013

नरेंद्र मोदी


गुजरात में लोकायुक्त की नियुक्ति को लेकर मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को सुप्रीम कोर्ट ने झटका देते हुये कहा है कि जस्टिस आरए मेहता को गुजरात का लोकायुक्त बनाना सही निर्णय है. अदालत ने राज्यपाल कमला बेनीवाल के फैसले को चुनौती देने वाली गुजरात सरकार की याचिका को खारिज कर दिया है. इससे पहले हाईकोर्ट ने भी नरेंद्र मोदी की याचिका खारिज कर दी थी.

गौरतलब है कि गुजरात में लोकायुक्त का पद सात वर्षों से खाली था और उच्च न्यायालय के कहने के बाद भी राज्य सरकार ने लोकायुक्त की नियुक्ति नहीं की थी. इसके बाद अगस्त 2011 में राज्यपाल कमला बेनीवाल ने राज्य सरकार की बिना जानकारी के ही अवकाश प्राप्त न्यायाधीश न्यायमूर्ति आरए मेहता को राज्य का लोकायुक्त नियुक्त कर दिया था. इस नियुक्ति को लेकर नरेंद्र मोदी ने आपत्ति दर्ज की थी और कहा था कि यह राजनीति से प्रेरित कदम है.

राज्यपाल कमला बेनीवाल द्वारा लोकायुक्त नियुक्ति को लेकर नरेंद्र मोदी की सरकार ने गुजरात उच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी और कहा था कि राज्यपाल ने नियुक्ति के समय राज्य सरकार की सलाह भी नहीं ली. इस मामले में राज्यपाल को ही पार्टी बनाने की बात कही गई थी लेकिन अदालत ने यह कहते हुए इस सलाह को खारिज कर दिया कि राज्यपाल का पद संवैधानिक है, इसलिये उन्हें इस मामले में पार्टी नहीं बनाया जा सकता. इसके बाद मामले में हाईकोर्ट की दो जजों की बेंच ने अलग-अलग फैसला सुनाया, जिसके कारण इसे तीसरे जज को सौंपा गया था.

पिछले साल जनवरी में इस मामले की सुनावाई करते हुये हाईकोर्ट ने नरेंद्र मोदी सरकार की याचिका को खारिज कर दिया था. अदालत ने राज्यपाल द्वारा लोकायुक्त के निर्णय पर मुहर लगा दी थी. इसके बाद गुजरात सरकार ने उच्च न्यायालय के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी.

बुधवार को इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई करते हुये कहा कि अदालत ने कहा कि राज्यपाल मंत्रिपरिषद की सलाह के काम करने के लिए बाध्य है लेकिन जस्टिस मेहता की नियुक्ति सही थी क्योंकि ये गुजरात हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस से सलाह के बाद लिया गया फैसला था.


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