पहला पन्ना प्रतिक्रिया   Font Download   हमसे जुड़ें RSS Contact
larger
smaller
reset

इस अंक में

 

क्यों बढ़ रहा भूख का आंकड़ा

हमारे कुलभूषण को छोड़ दो

भारत व अमेरिका में केमिकल लोचा

सवाल विकास की समझ का

प्रतिरोध के वक्ती सवालों से अलग

गरीबी उन्मूलन के नाम पर मज़ाक

जनमत की बात करिये सरकार

नेपाल पर भारत की चुप्पी

लोहिया काल यानी संसद का स्वर्णिम काल

स्मार्ट विलेज कब स्मार्ट बनेंगे

पाकिस्तान आंदोलन पर नई रोशनी

नर्मदा आंदोलन का मतलब

क्यों बढ़ रहा भूख का आंकड़ा

हमारे कुलभूषण को छोड़ दो

भारत व अमेरिका में केमिकल लोचा

युद्ध के विरुद्ध

किसके साथ किसका विकास

क्या बदल रहा है हिन्दू धर्म का चेहरा?

मोदी, अमेरिका और खेती के सवाल

 
  पहला पन्ना >राजनीति >समाज Print | Share This  

आग लगाउ विधायक ओवैसी के खिलाफ याचिका

आग लगाउ विधायक ओवैसी के खिलाफ याचिका

हैदराबाद. 2 जनवरी 2013

अकबरुद्दीन ओवैसी


नरेंद्र मोदी को फांसी पर लटकाने की मांग करने और सौ करोड़ हिंदुओं को औकात दिखा देने जैसी भड़काउ भाषण देने वाले मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुसलमीन के विधायक अकबरुद्दीन ओवैसी के खिलाफ स्थानीय अदालत में याचिका दायर की गई है. उम्मीद जताई जा रही है कि ओवैसी के खिलाफ पुलिस में एफआईआर दर्ज की जा सकती है. इधर भाजपा ने एक बार फिर दुहराया है कि ओवैसी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई नहीं की गई तो वह सड़क पर उतर कर विरोध प्रदर्शन करेगी.

गौरतलब है कि हैदराबाद के सांसद असादुद्दीन ओवैसी के छोटे भाई और चंद्रायनगट्टा इलाके से विधायक अकबरुद्दीन ओवैसी कट्टरपंथी माने जाते हैं. 24 दिसंबर को उन्होंने एक सार्वजनिक भाषण में जम कर भारत के खिलाफ आग उगला. हिन्दुओं और भारत वासियों को ललकारते हुये ओवैसी ने कहा कि अरे हिन्दुस्तान, हम पच्चीस करोड़ हैं न .. तुम सौ करोड़ हो ना ..ठीक है .. 15 मिनट को पुलिस हटा लो बता देंगे किसमें हिम्मत है और कौन ताकतवर है. ओवैसी ने मुंबई धमाकों को भी जायज ठहराया और कहा कि ऐ हिन्दुस्तान, यदि मुसलमानों पर ज़ुल्म नहीं होते तो मुंबई में धमाके नहीं होते.

ओवैसी ने कहा कि इस देश में अभी अफरातफरी का आलम है, किसी को मुल्क की चिंता नहीं है. 25 करोड़ मुसलमानों को पहले तो रिझाया जाता है, झूठे वादे किए जाते हैं और उन्हें बस वोट बैंक की तरह इस्तेमाल किया जाता है.

ओवैसी वहीं नहीं रुके. उन्होंने अजमल कसाब की भी तरफदारी की. उन्होंने कहा कि उस बच्चे अजमल कसाब को फांसी पर लटका दिया गया, ठीक है. उसने दो सौ बेकसूर लोगों की जान ली थी. लेकिन, गुजरात में दो हजार मुसलमानों की हत्या के गुनहगार नरेंद्र मोदी को फांसी क्यों नहीं दी? पाकिस्तानी को हिंदुस्तानी को मारने पर फांसी दे दिया. हिंदुस्तानी है तो हिंदुस्तानी को मारने पर देश की गद्दी. अगर देश में इंसाफ है तो कसाब की तरह मोदी को भी ऐसी सजा दी जाए. ओवैसी ने कहा कि मोदी हैदराबाद आकर दिखाएं उनको बता देंगे.


इस समाचार / लेख पर अपनी प्रतिक्रिया हमें प्रेषित करें

  ई-मेल ई-मेल अन्य विजिटर्स को दिखाई दे । ना दिखाई दे ।
  नाम       स्थान   
  प्रतिक्रिया
   


 
  ▪ हमारे बारे में   ▪ विज्ञापन   |  ▪ उपयोग की शर्तें
2009-10 Raviwar Media Pvt. Ltd., INDIA. feedback@raviwar.com  Powered by Medialab.in