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सेबी बदलेगा शेयर पुनर्खरीद नियम

सेबी बदलेगा शेयर पुनर्खरीद नियम

मुंबई. 3 जनवरी 2013

sebi


भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने शेयर पुनर्खरीद नियमों को सख्त बनाया जाना प्रस्तावित किया है. सेबी ने एक परामर्श पत्र जारी कर 'खुले बाजार' के जरिये होने वाली शेयरों की पुनर्खरीद में व्यापक बदलाव लाया जाना प्रस्तावित किया है. अगर सेबी द्वारा प्रस्तावित नए नियम लागू कर दिए जाते हैं तो कंपनियां शेयरों की पुनर्खरीद में अपनी मनमर्जी नहीं चला पाएंगी.

अभी भारतीय शेयर बाजारों में शेयरों की पुनर्खरीद 'निविदा पेशकश' और 'खुले बाजार' के द्वारा होती है. जिसमें से 99 फीसदी पुनर्खरीद खुले बाजारों में ही होती है, ऐसे में कंपनियां सालभर अपने इच्छा के अनुसार शेयरों की पुनर्खरीद खुले बाजारों से करती रहती हैं. अब सेबी के प्रस्तावित नए नियमों के तहत कंपनियों को शेयरों की वापस खरीद तीन माह में पूरी करनी होगी और उन्हें पुनखर्रीद लक्ष्य का कम से कम 50 फीसद पूरा करना होगा.

इस कदम से सेबी ने यह सुनिश्चित करने का प्रय़ास किया है कि सिर्फ गंभीर कंपनियां ही शेयर पुनखर्रीद कार्यक्रम शुरू करें क्योंकि कई मामलों में सेबी ने पाया है कि कंपनियां ने पुनर्खरपीद की पेशकश के बाद एक साल तक एक भी शेयर नहीं खरीदा. सीथ ही प्लेसमेंट और उसकी अवधि को लेकर कोई कड़े कानून न होने के कारण भी अक्सर शेयर पुनर्खरीद के लिए घोषित की गई अधिकतम कीमत से काफी कम पर खरीदे गए.

सेबी ने नए नियमों को और कड़ा करने के उद्देश्य से कहा है कि कंपनियों को पुनर्खरीद में प्रस्तावित अधिकतम राशि का 25 फीसद एस्क्रो खाते में जमा कराना होगा और जो कंपनियां लक्षित शेयरों की वापस खरीद नहीं कर पाती हैं उन्हेंह एक साल तक पुनखर्रीद कार्यक्रम से प्रतिबंधित कर दिया जाएगा. सेबी ने अभी इन प्रस्तावित नियमों पर अंशधारकों के सुझाव 31 जनवरी तक मांगे हैं जिसके बाद इन्हें लागू करने के संबंध में फैसला लिया जाएगा.


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