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आरएसएस के कुवांरे करते हैं रेप

आरएसएस के कुवांरे करते हैं रेप

भोपाल. 5 जनवरी 2013

रेप


संघ प्रमुख मोहन भागवत और मध्यप्रदेश की भाजपा सरकार के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के रेप को लेकर महान विचार के बाद अब मध्यप्रदेश कांग्रेस की मीडिया विभाग के अध्यक्ष मानक अग्रवाल ने कहा है कि आरएसएस के कुंवारे प्रचारक रेप करते हैं. उन्होंने कहा कि आरएसएस के प्रचारक शादी नहीं करते हैं, इसीलिए वे महिलाओं के साथ दुष्कर्म और शोषण जैसी घटनाओं में लिप्त रहते हैं. भाजपा के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री संजय जोशी का उदाहरण हम सब के सामने है. उन्होंने कहा कि मप्र देश में महिला अत्याचार में पहले नंबर पर है और रेप की ज्यादातर घटनाओं में भाजपा, युवा मोर्चा और बजरंग दल के लोग शामिल हैं.

गौरतलब है कि आरएसएस प्रमुख डॉ. मोहनराव भागवत ने कहा था कि दुष्कर्म भारत की नहीं इंडिया की समस्या है. सिलचर में एक सार्वजनिक सभा में उन्होंने कहा कि दुष्कर्म की घटनाएं इंडिया में ज्याेदा होती हैं, भारत में नहीं. भागवत के कहने का मतलब था कि पश्चिमी सभ्यता का असर शहरी क्षेत्रों में ज्यामदा है, जहां रेप की घटनाएं ज्याीदातर होती हैं. ग्रामीण इलाकों, जहां भारतीय मूल्यों का बोलबाला है, में ऐसी घटनाएं नहीं होतीं. हालांकि संघ प्रमुख इस बेबुनियाद तर्क के समय यह भूल गये कि देश में रेप की 70 फीसदी घटनाएं गांवों से आती हैं. बाद में जब देश भर में भागवत के बयान की निंदा हुई तो उन्होंने कहा कि उनके कहने का गलत मतलब निकाल लिया गया.

इसके बाद भारतीय जनता पार्टी की सरकार में मध्यप्रदेश के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने प्रवचन देने वाली मुद्रा में महिलाओं को कहा कि एक ही शब्द है मर्यादा. मर्यादा का उल्लंघन होता है तो सीता हरण हो जाता है. लक्ष्मण रेखा हर व्यक्ति की खिंची गई है. उस लक्ष्मण रेखा को कोई भी पार करेगा तो रावण सामने बैठा है, वो सीता हरण करके ले जाएगा. उन्होंने आगे कहा कि यदि महिला अपनी मर्यादा का उल्लंघन करती है तो उसे सजा भुगतनी पड़ेगी. जैसे सीता ने मर्यादा का उल्लंघन किया और उसे रावण उठा कर ले गया.

इन दोनों बयानों के बाद भाजपा ने मोहन भागवत का बचाव किया लेकिन कैलाश विजयवर्गीय को बयान को वापस लेने के निर्देश दिये. कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि मीडिया में उनका जो अधूरा बयान आ रहा है, उसे वे वापस लेते हैं. हालांकि विजयवर्गीय ने यह नहीं बताया कि उनका पूरा बयान क्या था, जिसे मीडिया ने नहीं बताया.


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