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मलाला को अस्पताल से छुट्टी

मलाला को अस्पताल से छुट्टी

लंदन. 5 जनवरी 2013

मलाला यूसुफज़ई


पाकिस्तान में तालिबानी आतंकवादियों के हमले की शिकार मलाला यूसुफज़ई को अस्पताल से छुट्टी मिल गई है. हालांकि इस दौरान वे हर सप्ताह अस्पताल आएंगी और उनका इलाज जारी रहेगा. अस्पताल के अनुसार मलाला युसूफजई फिलहाल वेस्ट मिडलैंड्स में अपने अस्थाई घर में रहेंगी. अस्पताल के बयान में कहा गया है वे इतनी स्वस्थ हैं कि अस्पताल अगले कुछ सप्ताह तक उनका बर्हिरंग रोगी की तरह इलाज कर सकता है.यूनिवर्सिटी हॉस्पिटल्स बर्मिंघम एनएचएस फाउंडेशन ट्रस्ट के मेडिकल निदेशक डॉक्टर डेव रोजर ने कहा कि मलाला और उनका इलाज कर रहे डॉक्टरों के साथ विमर्श के बाद हमने तय किया कि उन्हें घर में अपने माता-पिता और दोनों भाइयों के साथ रहने से ज्यादा लाभ होगा. वह बर्हिरंग विभाग के रोगी की तरह अस्पताल आती रहेंगी. हमारी चिकित्सा टीम लगातार उनके घर पर भी उनकी देखभाल करती रहेगी.

माना जा रहा है कि फरवरी के पहले सप्ताह में मलाला के सिर का ऑपरेशन किया जायेगा. 15 साल की मलाला को जब आतंकवादियों ने गोली मारी तो वह बाईं आंख के ऊपर से होते हुये दिमाग तक जा पहुंची थी. अब बरमिंघम शहर के क्वीन एलिजाबेथ अस्पताल के डाक्टर मलाला के सिर के उसी भाग का ऑपरेशन करेंगे.

गौरतलब है कि 14 वर्षीय मलाला हुसुफज़ई को 10 अक्टूबर को पाकिस्तान की स्वात घाटी के मुख्य शहर मिंगोरा में तालिबानी आतंकियों ने स्कूल से घर वापस लौटते वक्त सिर में गोली मार दी थी. घायल मलाला को पहले स्थानीय अस्पताल में भर्ती किया गया लेकिन बाद में 14 अक्टूबर को उसे इंग्लैंड के बर्मिंघम के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था.

मलाला पहली बार सुर्खियों में वर्ष 2009 में आईं जब 11 साल की उम्र में उन्होंने तालिबान के साए में ज़िंदगी के बारे में डायरी लिखना शुरु किया. इसके लिए उन्हें वर्ष 2011 में बच्चों के लिए अंतरराष्ट्रीय शांति पुरस्कार के लिए नामांकित किया गया था. मलाला शुरु से ही अपने इलाके में तालिबान की गतिविधियों की मुखर विरोधी है, इसीलिए वह तालिबान के निशाने पर भी रही है.


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