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मोहन भागवत ने बताया शादी को सौदा

मोहन भागवत ने बताया शादी को सौदा

इंदौर. 6 जनवरी 2013

शादी


राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत के एक के बाद एक चौंकाने वाले बयान आ रहे हैं. अब उन्होंने एक कार्यक्रम में विवाह पर ही प्रश्नचिन्ह खड़े कर दिये हैं. उन्होंने इंदौर में एक कार्यक्रम में कहा कि आप लोग इसे विवाह संस्कार कहते होंगे पर ये सौदा है. पति कहता है कि मेरा घर संभालो सुख दो, मैं तुम्हारा पेट पालने की व्यवस्था करूंगा और तुमको सुरक्षित रखूंगा, जब तक पत्नी ऐसी है तब तक पति कांट्रैक्ट पूरी करने के लिए उसको रखता है.

मोहन भागवत ने कहा कि अगर पत्नी इस समझौते को पूरा नहीं करती है तो पति उसे छोड़ सकता है और अगर किसी कारण पति कांट्रैक्ट पूरा नहीं कर सकता तो पत्नी उसे छोड़ सकती है.

गौरतलब है कि आरएसएस प्रमुख डॉ. मोहनराव भागवत ने इससे पहेल कहा था कि दुष्कर्म भारत की नहीं इंडिया की समस्या है. सिलचर में एक सार्वजनिक सभा में उन्होंने कहा कि दुष्कर्म की घटनाएं इंडिया में ज्याादा होती हैं, भारत में नहीं. भागवत के कहने का मतलब था कि पश्चिमी सभ्यता का असर शहरी क्षेत्रों में ज्याहदा है, जहां रेप की घटनाएं ज्या दातर होती हैं. ग्रामीण इलाकों, जहां भारतीय मूल्यों का बोलबाला है, में ऐसी घटनाएं नहीं होतीं. बाद में जब देश भर में भागवत के बयान की निंदा हुई तो उन्होंने कहा कि उनके कहने का गलत मतलब निकाल लिया गया.

इसके बाद भारतीय जनता पार्टी की सरकार में मध्यप्रदेश के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने प्रवचन देने वाली मुद्रा में महिलाओं को कहा कि एक ही शब्द है मर्यादा. मर्यादा का उल्लंघन होता है तो सीता हरण हो जाता है. लक्ष्मण रेखा हर व्यक्ति की खिंची गई है. उस लक्ष्मण रेखा को कोई भी पार करेगा तो रावण सामने बैठा है, वो सीता हरण करके ले जाएगा. उन्होंने आगे कहा कि यदि महिला अपनी मर्यादा का उल्लंघन करती है तो उसे सजा भुगतनी पड़ेगी. जैसे सीता ने मर्यादा का उल्लंघन किया और उसे रावण उठा कर ले गया.

इन दोनों बयानों के बाद भाजपा ने मोहन भागवत का बचाव किया लेकिन कैलाश विजयवर्गीय को बयान को वापस लेने के निर्देश दिये. कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि मीडिया में उनका जो अधूरा बयान आ रहा है, उसे वे वापस लेते हैं. हालांकि ताजा बयान के बाद मोहन भागवत के बचाव में भाजपा या संघ की ओर से कोई बयान नहीं आया है.


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