पहला पन्ना प्रतिक्रिया   Font Download   हमसे जुड़ें RSS Contact
larger
smaller
reset

इस अंक में

 

क्यों बढ़ रहा भूख का आंकड़ा

हमारे कुलभूषण को छोड़ दो

भारत व अमेरिका में केमिकल लोचा

सवाल विकास की समझ का

प्रतिरोध के वक्ती सवालों से अलग

गरीबी उन्मूलन के नाम पर मज़ाक

जनमत की बात करिये सरकार

नेपाल पर भारत की चुप्पी

लोहिया काल यानी संसद का स्वर्णिम काल

स्मार्ट विलेज कब स्मार्ट बनेंगे

पाकिस्तान आंदोलन पर नई रोशनी

नर्मदा आंदोलन का मतलब

क्यों बढ़ रहा भूख का आंकड़ा

हमारे कुलभूषण को छोड़ दो

भारत व अमेरिका में केमिकल लोचा

युद्ध के विरुद्ध

किसके साथ किसका विकास

क्या बदल रहा है हिन्दू धर्म का चेहरा?

मोदी, अमेरिका और खेती के सवाल

 
  पहला पन्ना >राजनीति >बात Print | Share This  

माल्या का दावा-किंगफिशर को बचाएंगे

माल्या का दावा-किंगफिशर को बचाएंगे

मुंबई. 10 जनवरी 2013

किंगफिशर एयरलाइंस


लगातार घाटा और एक के बाद एक सरकारी झटका लगने के बाद किंगफिशर एयरलाइंस के चेयरमैन विजय माल्या ने एक पत्र लिख कर किंगफिशर के कर्मचारियों को भरोसा दिलाया है कि कंपनी जल्दी ही चालू हो जाएगी और कंपनी को चलाने की सारी कोशिश कर रहे हैं. विजय माल्या का पत्र ऐसे वक्त में जारी हुआ है, जब किंगफिशर के कर्मचारियों ने प्रबंधन को चेताया था कि अगर कंपनी चालू नहीं हुई तो वे कंपनी कानून के तहत विमानन इकाई को बंद करने की याचिका अदालत में दायर करेंगे.

गौरतलब है कि किंगफिशर एयरलाइंस के एयरपोर्ट स्लॉट्स दूसरी एयरलाइंस को दिये जाने की खबर के बाद किंगफिशर की हालत में सुधार की उम्मीद और कम हो गई है. हालांकि अभी तक नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने इस बात की घोषणा नहीं की है लेकिन कहा जा रहा है कि अकेले मुंबई में किंगफिशर एयरलाइंस के कम से 6 एयरपोर्ट स्लॉट्स इंडिगो को दे दिये गये हैं. एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया भी किंगफिशर के एयरपोर्ट स्लॉट्स दूसरों को आवंटित करने पर विचार कर रहा है.

लगातार घाटे के कारण हिस्सेदारी बेचने समेत तमाम तरह की खबरों के बीच किंगफिशर एयरलाइंस की रिवाइवल रिपोर्ट के बाद उम्मीद जताई जा रही थी कि किंगफिशर एयरलाइंस के हवाई जहाज आकाश में आ सकते हैं. लेकिन नागरिक उड्डयन महानिदेशालय ने किंगफिशर के रिवाइवल रिपोर्ट पर अपनी नाखुशी जताई और किंगफिशर से इस प्लान की फंडिंग का पुख्ता भरोसा मांगा.

डीजीसीए ने इसके संबंध में किंगफिशर से लिखित में जानकारी मांग कर यह स्पष्ट कर दिया है कि वह चाहता है कि किंगफिशर पहले अपने देनदारों से बात कर समस्याओं का हल निकाले. किंगफिशर के वाइस प्रेसिडेंट हितेश पटेल ने डीजीसीए के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात कर कहा था कि उन्हें यूबी ग्रप से फंडिंग मिलने का भरोसा है. लेकिन डीजीसीए ने किंगफिशर के पिछले रिकॉर्ड देखते हुए उससे कहा कि वह इस फंडिंग पर मजबूत प्लान के साथ प्रतिबद्धता दिखाए.

आईपीएल, फैशन शो करवा कर करोड़ो रुपये खर्च करने वाले विजय माल्या की किंगफिशर पर करीब एक अरब चालीस करोड़ डॉलर का कर्ज़ है. 2005 में शुरु हुई किंगफिशर एयरलाइंस शुरु से ही घाटे में रही है. अब हालत ये है कि किंगफिशर एयरलाइंस को कर्जदाताओं ने आगे कर्ज देने को मना कर दिया है और कर्मचारी लंबे समय से वेतन नहीं मिलने के कारण हड़ताल पर है. किंगफिशर एयरलाइंस की कई उड़ाने बंद हो गई हैं. इसके बाद किंगफिशर एयरलाइंस ने अपनी हिस्सेदारी बेचने का निर्णय लिया. लेकिन उसकी कोई भी तरकीब काम नहीं आई है.


इस समाचार / लेख पर अपनी प्रतिक्रिया हमें प्रेषित करें

  ई-मेल ई-मेल अन्य विजिटर्स को दिखाई दे । ना दिखाई दे ।
  नाम       स्थान   
  प्रतिक्रिया
   


 
  ▪ हमारे बारे में   ▪ विज्ञापन   |  ▪ उपयोग की शर्तें
2009-10 Raviwar Media Pvt. Ltd., INDIA. feedback@raviwar.com  Powered by Medialab.in