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आंग सान सू ची की नज़रबंदी बढ़ी

आंग सान सू ची की नज़रबंदी बढ़ी

रंगून. 11 अगस्त 2009

 

बर्मा की एक अदालत ने मंगलवार को लोकतंत्र समर्थक नेता आंग सान सू ची को नज़रबंदी के कानून के उल्लंघन को दोषी बताते हुए उनकी नज़रबंदी तीन साल के लिए बढ़ा दी. हालांकि बाद में बर्मा के सैन्य शासन ने नज़रबंदी की अवधि घटाकर 18 महीने करने की घोषणा कर दी.

सू ची पर आरोप थे कि उन्होंने अपने घर एक अमरीकी नागरिक को शरण देकर नज़रबंदी के कानून का उल्लंघन किया है. हालांकि सू ची ने इन आरोपों को मानने से इंकार कर दिया. इसके बाद हुई सुनवाई में अदालत ने सू ची को तीन साल की कैद की सजा सुना दी. इसके कुछ ही देर बाद बर्मा के गृहमंत्री आदालत में आए और सैन्य प्रमुख जनरल थान श्वे का विशेष आदेश पढ़कर सुनाया जिसमें सू ची की नज़रबंदी घटाकर 18 महीने के लिए कर दी गई. इस आदेश में यह भी कहा गया था कि यह सज़ा नज़रबंदी के दैरान भी काटी जा सकती है.

नोबल पुरस्कार से सम्मानित सू ची सैन्य शासित बर्मा में लोकतंत्र की बहाली के सिए लगातार संघर्षरत रही हैं. इस दौरान उन्होंने करीब 19 साल का वक्त नज़रबंदी में बिताया है. इसी वजह से उन्होंने देश में लोकतंत्र की बहाली की आखिरी आशा के तौर पर देखा जाता है.