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लादेन की फिल्म में प्रताड़ना पर सवाल

लादेन की फिल्म में प्रताड़ना पर सवाल

न्यूयार्क. 19 जनवरी 2013

ओसामा बिन लादेन


ओसामा बिन लादेन को तलाश कर उनकी हत्या करने के मुद्दे पर बनी अमरीकी फिल्म ‘जीरो डार्क थर्टी’ की निर्देशक कैथरीन बिगलो ने कहा है कि प्रताड़ना के जिन दृश्यों को दिखाना जरुरी था, उन्होंने केवल उन्हीं दृश्यों को दिखाया है. इन दृश्यों के बिना फिल्म पूरी नहीं हो सकती थी. गौरतलब है कि ओसामा बिन लादेन को अमरीकी सेना ने किस तरह तलाशा और किस तरह लादेन की हत्या की गई, इस विषय पर बनी इस पहली फिल्म ने केवल 72 घंटों में ही ढ़ाई करोड़ डॉलर से कहीं अधिक की कमाई की है.

ओसामा बिन लादेन को लेकर निर्देशक कैथरीन बिगेलो की ‘जीरो डार्क थर्टी’ पिछले हफ्ते से ही चर्चा में बनी हुई है. ‘जीरो डार्क थर्टी’ को ऑस्कर पुरस्कारों की पांच श्रेणियों में नामांकित किया गया है और माना जा रहा है कि वह कई ऑस्कर अवार्ड बटोरेगी. लेकिन फिल्म में हिंसा को लेकर अमरीकी प्रशासन ने आलोचना की है और कहा है कि आस्कर दिये जाने से ऐसी प्रवृतियों को बढ़ावा मिलेगा. इससे पहले भी कैथरीन बिगेलो ने इराक युद्ध को केंद्र में रख कर 'द हर्ट लॉकर' फिल्म बनाई थी, जिसने छह श्रेणियों में ऑस्कर पुरस्कार जीते थे.

‘जीरो डार्क थर्टी’ को तीन दिन पहले ही गोल्डन ग्लोब अवॉर्ड्स में सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का पुरस्कार मिला है. यह पुरस्कार जैसिका चेस्टेन ने हासिल किया. फिल्म आलोचकों का कहना है कि जिस तरीके से फिल्म बनाई गई है, उससे लगता है कि फिल्म के एक-एक दृश्य को किसी ऐसे विशेषज्ञ के साथ बैठ कर बुना गया है, जो ओसामा बिन लादेन को मारे जाने के अभियान से जुड़ा रहा हो. बहरहाल, देखने वाली बात ये होगी कि एशिया में इस फिल्म को किस तरह से लिया जाएगा और विशेष तौर पर अफगानिस्तान व पाकिस्तान में फिल्म को लेकर कैसी प्रतिक्रिया होगी.


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