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सलमान रुश्दी भारत आएंगे

सलमान रुश्दी भारत आएंगे

नई दिल्ली. 19 जनवरी 2013

सलमान रुश्दी


विवादास्पद बना दिये गये लेखक सलमान रुश्दी अगले सप्ताह अपनी अपनी किताब ‘मिडनाइट चिल्ड्रेन’ पर बनी फिल्म के प्रचार के लिये दिल्ली आ सकते हैं. इनके साथ फिल्म की निर्माता दीपा मेहता भी होंगी. हालांकि ‘मिडनाइट चिल्ड्रेन’ फिल्म की प्रचार एजेंसी ने कहा है कि उन्होंने रुश्दी को भारत बुलाया है लेकिन रुश्दी के आने की पुष्टि नहीं हुई है. दूसरी ओर पुस्तक विक्रेता कंपनी लैंडमार्क ने एक बयान में कहा है कि सलमान रुश्दी 24 को दिल्ली आएंगे.

गौरतलब है कि 65 साल के सलमान रुश्दी की किताब सैटेनिक वर्सेस भारत में प्रतिबंधित है. 1988 में आई उनकी किताब सैटेनिक वर्सेस ने उन्हें विवादों के घेरे में खड़ा कर दिया. कहा गया कि इस किताब से पैगंबर मोहम्मद का अपमान होता है. भारत के अलावा दुनिया के कई मुस्लिम देशों में इस किताब को प्रतिबंधित कर दिया गया. 14 फरवरी 1989 को ईरान के मुस्लिम धार्मिक नेता अयातुल्ला रूहोल्लाह खोमैनी ने सलमान रुश्दी के खिलाफ मौत का फतवा जारी कर दिया.

हालत ये हुई कि इस विवाद के कारण कई देशों में दंगे हुये, ईरान जैसे राष्ट्र के इंग्लैंड से राजनयिक संबंध खत्म हो गये. सलमान रुश्दी की हत्या के भी कई प्रयास किये गये. बाद में विश्व समुदाय के दबाव में ईरान ने यह कहते हुये सलमान रुश्दी की मौत का फतवा वापस लेने से इंकार कर दिया कि फतवा वही वापस ले सकता है, जिसने इसे जारी किया था और इसे जारी करने वाले अयातुल्ला रूहोल्लाह खोमैनी की मौत हो गई है. यानी सलमान रुश्दी अभी भी मौत के फतवे के साये में जी रहे हैं. इसी फतवे को आधार बनाते हुये उनका विरोध होता रहा है.

भारत में 1947 में जन्में सलमान रुश्दी के 1975 में पहली बार प्रकाशित ग्राइमस उपन्यास को भले सफलता नहीं मिली हो लेकिन 1981 में उनके उपन्यास मिडनाइट्स चिल्ड्रन को उस साल बुकर अवार्ड से नवाजा गया. 1993 और 2008 में इसे सर्वश्रेष्ठ बुकर का अवार्ड मिला. इस किताब को दुनिया की सौ श्रेष्ठ कृतियों में से एक माना जाता है. 1983 में जुल्फ़िकार अली भुट्टो और जनरल जिया उल हक को आधार बना कर लिखा गया उपन्यास शेम भी चर्चित रहा. 1987 में निकारागुआ पर आधारित एक किताब द जगुआर स्माइल को भी लोगों की सराहना मिली. लेकिन सैटेनिक वर्सेस के विवाद की आंच ने इस लेखक को हमेशा के लिये एक निर्वासित जीवन का अभिशाप भी दे दिया, जिसके साथ वे धमकियों के साये में जीवन गुजार रहे हैं.

पिछले साल भी सलमान रुश्दी के भारत आने की बात हुई थी लेकिन उस समय भी राजनीतिक विरोध के कारण सलमान रुश्दी ने अपने भारत आने की योजना रद्द कर दी थी. माना जा रहा है कि सलमान रुश्दी के खिलाफ होने वाले विरोध के मद्देनज़र सलमान रुश्दी की यात्रा को सार्वजनिक करने से बचने की कोशिश हो रही है.


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