पहला पन्ना प्रतिक्रिया   Font Download   हमसे जुड़ें RSS Contact
larger
smaller
reset

इस अंक में

 

क्यों बढ़ रहा भूख का आंकड़ा

हमारे कुलभूषण को छोड़ दो

भारत व अमेरिका में केमिकल लोचा

सवाल विकास की समझ का

प्रतिरोध के वक्ती सवालों से अलग

गरीबी उन्मूलन के नाम पर मज़ाक

जनमत की बात करिये सरकार

नेपाल पर भारत की चुप्पी

लोहिया काल यानी संसद का स्वर्णिम काल

स्मार्ट विलेज कब स्मार्ट बनेंगे

पाकिस्तान आंदोलन पर नई रोशनी

नर्मदा आंदोलन का मतलब

क्यों बढ़ रहा भूख का आंकड़ा

हमारे कुलभूषण को छोड़ दो

भारत व अमेरिका में केमिकल लोचा

युद्ध के विरुद्ध

किसके साथ किसका विकास

क्या बदल रहा है हिन्दू धर्म का चेहरा?

मोदी, अमेरिका और खेती के सवाल

 
  पहला पन्ना >राजनीति >समाज Print | Share This  

सन्नी लियोन, सेक्स और मंदिर

सन्नी लियोन, सेक्स और मंदिर

मुंबई. 21 जनवरी 2013

सन्नी लियोन


पोर्न फिल्म स्टार सन्नी लियोन के सिद्धीविनायक मंदिर जाने के मुद्दे पर शुरु हुआ विवाद थमता नजर नहीं आ रहा है. सन्नी लियोन ने भी इस मुद्दे पर चुप्पी साध रखी है. सवाल ये है कि भारतीय परंपरा में आखिर ऐसा क्या है, जिसके कारण सन्नी लियोन के मंदिर जाने को लेकर विवाद हो रहा है? क्या यह छूआछूत की वर्षों पुरानी सामंती परंपरा के ही किटाणु हैं, जो चाहे-अनचाहे कभी भी प्रकट हो जाते हैं या यह पुरुष मानसिकता के विकार का एक हिस्सा है.

सन्नी लियोन इन दिनों एकता कपूर के साथ रागिनी एमएमएस 2 फिल्म में काम कर रही हैं. इसी की सफलता के लिये वे सिद्धीविनायक मंदिर गई थीं. उनके साथ एकता कपूर भी गई थीं. जब मीडिया में जब सन्नी लियोन की चर्चा हुई तो शिव सेना को भड़कना स्वभाविक था. देश की भूख, बेरोजगारी, किसानों की आत्महत्या जैसे मुद्दों पर आंदोलन नहीं करने वाली शिव सेना सन्नी लियोन के खिलाफ आलोचनात्मक मुद्रा में आ गई.

अब यह बहस लगातार जारी है कि सन्नी लियोन मंदिर क्यों गई थीं. शिव सेना का तर्क है कि जो लोग आस्था के साथ मंदिर जाते हैं, उनको लेकर हमें कोई परेशानी नहीं है. लेकिन अगर कोई केवल अपने प्रचार के लिये वहां जाता है तो यह आपत्तिजनक है. लेकिन इसकी हकीकत ये है कि मंदिर जाने वाले अधिकांश श्रद्धालु या तो अपने पापों के प्रायश्चित के लिये वहां जाते हैं या फिर किसी मनोकामना के लिये. ऐसे में जाहिर तौर पर सन्नी लियोन भी अपनी फिल्म रागिनी एमएमएस 2 की शुरुआत से पहले उसकी सफलता के उद्देश्य से ही वहां गईं थीं.

वैसे देश में पिछले कुछ सालों तक सवर्णों के अलावा दूसरी जातियों के मंदिर प्रवेश पर रोक थी. कुछ मंदिरों में यह घटिया परंपरा अब भी कायम है. तमाम अश्पृश्यता कानूनों के बाद भी कुछ मठो-मंदिरों में कथित अछूतों के प्रवेश पर प्रतिबंध है. कुछ मंदिरों में महिलाओं के प्रवेश पर रोक है और कथित धर्म के ठेकेदार उसका पोषण भी करते हैं. यहां तक कि हमारी पूरी व्यव्स्था और सत्ता भी इस मामले में इन परंपराओं के सामने पानी भरती नजर आती है. ऐसे में सन्नी लियोन के मंदिर जाने पर उठी आवाजों की शिनाख्त ज़रुरी है.


इस समाचार / लेख पर अपनी प्रतिक्रिया हमें प्रेषित करें

  ई-मेल ई-मेल अन्य विजिटर्स को दिखाई दे । ना दिखाई दे ।
  नाम       स्थान   
  प्रतिक्रिया
   


 
  ▪ हमारे बारे में   ▪ विज्ञापन   |  ▪ उपयोग की शर्तें
2009-10 Raviwar Media Pvt. Ltd., INDIA. feedback@raviwar.com  Powered by Medialab.in