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चौटाला को सजा से पहले हंगामा

चौटाला को सजा से पहले हंगामा

नई दिल्ली. 22 जनवरी 2013

ओमप्रकाश चौटाला


शिक्षकों की भर्ती घोटाले में इंडियन नेशनल लोकदल के अध्यक्ष ओमप्रकाश चौटाला और उनके बेटे अजय चौटाला समेत 55 लोगों को सजा सुनाये जाने से पहले मंगलवार को अदालत से बाहर जम कर हंगामा हुआ. सजा सुनाये जाने से पहले चौटाला समर्थकों ने आरोप लगाया कि एक राजनीतिक दल के इशारे पर सीबीआई ने कार्रवाई की है और इसका राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश की गई है. मंगलवार को सजा सुनाये जाने से पहले रोहिणी कोर्ट के बाहर बड़ी तादाद में ओमप्रकाश चौटाला के समर्थक इकट्ठा हो गए और उन्होंने भारी हंगामा किया. जिसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज किया और प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिये अश्रुगैस के गोले का भी इस्तेमाल किया.

गौरतलब है कि तीन हज़ार से अधिक शिक्षकों की अवैध भर्ती के एक मामले की सुनवाई करते हुए सीबीआई की विशेष अदालत ने हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला, उनके पुत्र अजय चौटाला और 53 अन्य लोगों को दोषी करार दिया था. 1999-2000 के दौरान हरियाणा सरकार द्वारा 3206 जूनियर बेसिक ट्रेंड यानी जेबीटी शिक्षकों की भर्ती की गई थी. इस भर्ती के बाद हरियाणा राज्य शिक्षा विभाग में बेसिक शिक्षा के डायरेक्टर संजीव कुमार ने इन भर्तियों में घोटाले के आरोप लगाए थे. इस मामले में राज्य के तत्कालीन मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला के उपर ये आरोप लगे थे कि उन्होंने रिश्वत लेकर भर्ती की लिस्ट बदलवा कर अपने मनचाहे अभ्यार्थियों की भर्ती करवाई थी.

चौटाला समेत शिक्षा विभाग के आला अफसरों पर आरोप लगे कि उन्होंने इस घोटाले के लिए शिक्षकों की भर्ती की जिम्मेदारी कर्मचारी चयन आयोग से लेकर जिला स्तर पर बनाई गई चयन कमेटी को सौंपी जिसने फर्जी साक्षात्कार के आधार पर चयनित अभ्यर्थियों की सूची तैयार की थी. बाद में ये मामला उच्चतम न्यायालय तक गया, जिसके बाद इसकी जाँच सीबीआई को सौंप दी गई थी. इस मामले के कुल 148 सरकारी गवाह में से 67 की गवाही अदालत में हुई और यह साबित हुआ कि जेबीटी भर्ती में नौकरी पाने वाले हर शख्स से 3 से 5 लाख रुपए की रिश्वत ली गई थी. सुनवाई के दौरान चौटाला पर लगे आरोप भी सिद्ध हो गए थे.

 

इस समाचार / लेख पर पाठकों की प्रतिक्रियाएँ

 
 

virendra sharma [veerubhai1947@gmail.com] mumabi ,colaba ,400-005 - 2013-01-22 07:54:35

 
  चौटाला और उनके काबिल पुत्र दोनों पर अब अदालत की अवमानना और दंगा भड़काने का मामला भी बनाया जाए .यह एक नै शुरुआत है इस प्रकार की लफंगई सरे आम करना ,करवाना . 
   
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