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जस्टिस वर्मा की रिपोर्ट में पुलिस पर सवाल

जस्टिस वर्मा की रिपोर्ट में पुलिस पर सवाल

नई दिल्ली. 23 जनवरी 2013

जस्टिस जे एस वर्मा


यौन शोषण से संबंधित कानून को सुदृढ़ करने के लिये बनाई गई जस्टिस जे. एस. वर्मा कमिटी ने कहा है कि यौन शोषण के मामले में अगर 30 दिन में रिपोर्ट बन सकती है तो 30 दिन में इस रिपोर्ट पर अमल भी किया जा सकता है. जस्टिस जे. एस. वर्मा कमिटी ने बुधवार को 29 दिन के भीतर अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपते हुये यौन शोषण से संबंधित कानूनों को और सख्त करने पर बल दिया है. जस्टिस वर्मा कमेटी को इस दौरान देश और विदेश से 80 हजार सुझाव मिले.

जस्टिस जे. एस. वर्मा कमिटी ने दिल्ली में हुये घटनाक्रम के मुद्दे पर दिल्ली पुलिस और सरकार को कटघरे में खड़ा करते हुये कहा कि इस मामले में गृहसचिव ने पुलिस कमिश्नर की तारीफ की. जस्टिस वर्मा ने कहा कि अगर उनकी जगह मैं होता तो कमिश्नर से माफी मांगने को कहता. जस्टिस वर्मा ने इस बात पर भी अफसोस जाहिर किया कि बलात्कार से संबंधित कानून को लेकर किसी भी राज्य के डीजीपी की तरफ से कोई सुझाव नहीं मिला. उन्होंने कहा जिस तरीक़े से पुलिस महानिदेशकों ने पैनल की अपील को नज़र अंदाज़ किया उसे देखते हुए उनकी नियुक्तियों की समीक्षा की जानी चाहिए.

जस्टिस वर्मा कमिटी ने कहा कि कानून की कमी से नहीं बल्कि सुशासन की कमी से यह अपराध हो रहे हैं. हमारे पास कानून तो हैं, लेकिन संवेदनशीलता की कमी है. उन्होंने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि यौन शोषण से संबंधित मामले जिस किसी भी सांसद या विधायक के खिलाफ हैं, उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिये.

 

इस समाचार / लेख पर पाठकों की प्रतिक्रियाएँ

 
 

Sub (R) AR Verma [arverma.verma@gmail.com] Secunderabad - 2013-01-24 02:54:18

 
  An exampalary punishment should be awarded to any culprit Miniter or Govt servant or any one, there should be no excuse. Same charges like Attempt to murder should be imposed. 
   
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