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सन्नी लियोन से बढ़ेगी यौन हिंसा

सन्नी लियोन से बढ़ेगी यौन हिंसा

मुंबई. 24 जनवरी 2013

सन्नी लियोन


पोर्न फिल्म स्टार सन्नी लियोन की फिल्म रागिनी एमएमएस 2 को लेकर कुछ संगठनों ने कहा है कि सन्नी की इस फिल्म से महिलाओं के प्रति होने वाली यौन हिंसा में और बढ़ोत्तरी होगी.इन महिला संगठनों का आरोप है कि अगर रागिनी एमएमएस 2 जैसी फिल्में आईं तो समाज में महिलाओं के एमएमएस आम हो जाएंगे. हालांकि इन महिला संगठनों में से किसी ने इस बात पर चिंता नहीं जताई है कि गली-मोहल्लों में बिकने वाली अश्लील फिल्में, किताबें और इंटरनेट पर दूर-दुर तक पसरी हुई सेक्स एमएमएस, कहानियां और फिल्मों के कारण अपराध में क्या कमी या बढ़ोत्तरी हुई है.

सन्नी लियोन इन दिनों एकता कपूर के साथ रागिनी एमएमएस 2 फिल्म में काम कर रही हैं. उनकी इस फिल्म को लेकर पहले भी विवाद हो चुका है. इस फिल्म की सफलता के लिये वे सिद्धीविनायक मंदिर गई थीं. उनके साथ एकता कपूर भी गई थीं. जब मीडिया में जब सन्नी लियोन की चर्चा हुई तो शिव सेना भड़क गई.

अब यह बहस लगातार जारी है कि सन्नी लियोन मंदिर क्यों गई थीं. शिव सेना का तर्क है कि जो लोग आस्था के साथ मंदिर जाते हैं, उनको लेकर हमें कोई परेशानी नहीं है. लेकिन अगर कोई केवल अपने प्रचार के लिये वहां जाता है तो यह आपत्तिजनक है. लेकिन इसकी हकीकत ये है कि मंदिर जाने वाले अधिकांश श्रद्धालु या तो अपने पापों के प्रायश्चित के लिये वहां जाते हैं या फिर किसी मनोकामना के लिये. ऐसे में जाहिर तौर पर सन्नी लियोन भी अपनी फिल्म रागिनी एमएमएस 2 की शुरुआत से पहले उसकी सफलता के उद्देश्य से ही वहां गईं थीं.

वैसे देश में पिछले कुछ सालों तक सवर्णों के अलावा दूसरी जातियों के मंदिर प्रवेश पर रोक थी. कुछ मंदिरों में यह घटिया परंपरा अब भी कायम है. तमाम अश्पृश्यता कानूनों के बाद भी कुछ मठो-मंदिरों में कथित अछूतों के प्रवेश पर प्रतिबंध है. कुछ मंदिरों में महिलाओं के प्रवेश पर रोक है और कथित धर्म के ठेकेदार उसका पोषण भी करते हैं. यहां तक कि हमारी पूरी व्यव्स्था और सत्ता भी इस मामले में इन परंपराओं के सामने पानी भरती नजर आती है. ऐसे में सन्नी लियोन के मंदिर जाने पर उठी आवाजों की शिनाख्त ज़रुरी है. अब जबकि महिला संगठन देश में यौन अपराधों के लिये केवल सन्नी लियोन पर निशाना साध रही हैं तो लगता है कि कहीं न कहीं पितृसत्तात्मक ताकतें इसके लिये महिलाओं को ही जिम्मेवार ठहराने की कोशिश कर रही हैं.

 

इस समाचार / लेख पर पाठकों की प्रतिक्रियाएँ

 
 

Roshni Tiwari [roshni.tiwari2005@gmail.com] Kolkata - 2013-01-24 07:07:25

 
  trisurea@gmail.com, आप एक खतरनाक किस्म की पुरुषवादी मानसिकता के शिकार हैं. पुरुषों ने औरतों को बाजार में ला कर खड़ा कर दिया और अब आप उसी को कह रहे हैं कि this all happenes becose of girls & girls only. आप बलात्कार के लिये भी औऱतों को ही जिम्मेवार मानते होंगे.. शर्मनाक सोच है यह. आप अपने विचार पर फिर से विचार करें. 
   
 

raju kumar [] noida - 2013-01-24 05:59:02

 
  चौपट देश को अन्य सभ्यता, संस्कृति, संस्कार.... इसकी दस्तक है ये. जागो भारत जागो. 
   
 

vishwambhar [vishwambhar_saini@yahoo.com] mumbai - 2013-01-24 05:45:44

 
  मानव जाति को समाज का सुधार करना है तो खर्चीला गंदगी को बंद करो, वर्ना पूरा समाज गंदा होगा. जय भारत, जह महाराष्ट्र. 
   
 

trishure [trisurea@gmail.com] bangalore - 2013-01-24 05:33:23

 
  this all happenes becose of girls & girls only.. 
   
 

ramesh [rb7768014@gmail.com] Kurukshetra - 2013-01-24 05:21:17

 
  this type of movies change the mentally balance of our yuva. so this type of movies should be banned. 
   
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