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केजरीवाल फिर भड़के अंबानी पर

केजरीवाल फिर भड़के अंबानी पर

नई दिल्ली. 24 जनवरी 2013

अरविंद केजरीवाल


आप पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल ने मुकेश अंबानी को पत्र लिख कर आरोप लगाया है कि अंबानी चैनलों पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं. अरविंद केजरीवाल ने अंबानी को भेजी चिट्ठी में एक बार फिर अपने आरोप दुहराये हैं.

गौरतलब है कि अरविंद केजरीवाल के 31 अक्टूबर 2012 और 9 नवंबर 2012 को किए गए कथित खुलासों के बाद मुकेश अंबानी ने इसका लाइव प्रसारण करने वाले सभी टीवी चैनलों को मानहानि का नोटिस भेजा है. इस मुद्दे पर केजरीवाल ने मुकेश अंबानी को लंबी चिट्ठी लिखी है और कई गंभीर आरोप लगाये हैं.

अपने पत्र में अरविंद केजरीवाल ने कहा है कि आपने हमारी प्रेस कॉन्फ्रेंस दिखाने के लिए चैनलों पर मानहानि का नोटिस क्यों भेजा. अगर मेरी और प्रशांत भूषण की कही गई बातों से कोई मानहानि हुई है तो इसके दोषी मैं और प्रशांत भूषण हैं. अगर आपको नोटिस भेजना ही था तो हमें भेजना चाहिए था. केजरीवाल ने चिट्ठी में साफ कहा है कि चैनलों को मानहानि का नोटिस भेजना का मतलब है उन पर दबाव बनाना है. अंबानी से पूछा है कि आप खुद ही बताइए कि आपकी मानहानि मैंने, प्रशांत भूषण ने या टीवी चैनलों ने की है या आपने खुद की है.

अरविंद केजरीवाल ने अपने पत्र में लिखा है कि देश की जनता आपसे कुछ सीधे सवाल पूछना चाहती है. भारत सरकार को स्विस बैंको में खातेदारों की जो लिस्ट मिली है, क्या ये सच नहीं है कि आपका, आपके रिश्तेदारों का, आपके दोस्तों का और आपकी कंपनियों का उनमें नाम है? क्या यह सच नहीं है कि इस लिस्ट में आपके नाम पर सौ करोड़ रुपये जमा दिखाए गए हैं? क्या ये सच नहीं है कि आपने इस पैसे पर टैक्स जमा कर दिया है? इससे यह साबित होता है कि आपने अपना जुर्म कबूल कर लिया है. कानून के मुताबिक अब आप पर मुकदमा चलना चाहिए और यदि टैक्स की चोरी साबित होती है तो आपको जेल होनी चाहिए. लेकिन ऐसा नहीं होगा. क्यों? क्योंकि सरकार आपसे डरती है. आपने खुद ही कहा है कि कांग्रेस पार्टी तो आपकी दुकान है. आपने सच ही कहा था.

अरविंद केजरीवाल ने अंबानी को लिखे पत्र में कहा है कि मीडिया में छपी कुछ खबरों के मुताबिक सोनिया गांधी जी आपके निजी हवाई जहाज से यात्रा करती हैं. लोगों का मानना है कि श्री जयपाल रेड्डी का मंत्रालय भी आप ही के दबाव में बदला गया था. केवल कांग्रेस ही क्यों? भाजपा और अन्य पार्टियां भी आपकी दुकान हैं. पहले तो आडवाणी जी स्विस बैंकों के खातों के बारे में खूब आवाज़ उठाते थे लेकिन जब से आपके खाते निकलकर सामने आए तो सारी भाजपा बिल्कुल चुप हो गई. आपके खातों के बारे में भाजपा ने संसद में एक शब्द भी नहीं बोला.

मुकेश अंबानी को लिखे पत्र में अरविंद केजरीवाल ने कहा है कि ऐसा लगता है कि सभी पार्टियां आपसे डरती हैं. सभी नेता आपसे डरते हैं. लेकिन इस देश की जनता आपसे नहीं डरती. सारी पार्टियां आपकी दुकान हो सकती हैं. लेकिन भारत आपकी दुकान नहीं है. भारत हमारा है, इस देश के लोगों का है. आप अपने पैसे से पार्टियों को खरीद सकते हैं, नेताओं को खरीद सकते हैं लेकिन भारत को हम बिकने नहीं देंगे. आपका कहना है कि हमारे द्वारा कही गई बातों का सीध प्रसारण करने से टी.वी. चैनलों ने आपकी मानहानि की. आप सोचकर देखिए कि आपकी मानहानि मैंने, प्रशांत भूषण और टी.वी. चैनलों ने की है या आपने अपनी मानहानि खुद अपने कर्मों से की है?

अरविंद केजरीवाल ने अपने पत्र में मुकेश अंबानी पर आरोप लगाये हैं कि 2002 में आपने सरकार से ‘‘फुल मोबिलिटी’’ लेने के लिए प्रमोद महाजन को रिश्वत दी. 55 रुपये प्रति शेयर के भाव वाले एक करोड़ शेयर आपने प्रमोद महाजन को 1 रुपये प्रति शेयर के हिसाब से दे दिए. ये तो सीधी रिश्वत थी. जब आप पकड़े गए तो आपने शेयर वापस ले लिए. मामला अभी कोर्ट में है. क्या ऐसा करने से आपकी मानहानि नहीं हुई?

केजरीवाल ने आरोप लगाते हुये पत्र में लिखा है कि आपने अपना बहुमंजिला मकान ‘वक्फ’ की ज़मीन पर बनाया है. इस ज़मीन पर अनाथालय बनना था. गरीब और अनाथ मुस्लिम बच्चों के हक को छीना है आपने. क्या ऐसा करने से आपकी मानहानि नहीं हुई? सन 2000 में आपको देश के गैस के कुछ कुएं दिए गए. आपकी जिम्मेदारी थी कि आप इसमें से गैस निकाल कर भारत सरकार को दें. गैस हमारी थी, इस देश के लोगों की. हम उस गैस के मालिक हैं.

केजरीवाल ने पत्र में लिखा है कि आपकी हैसियत केवल एक ठेकेदार की थी. आपको गैस के कुएं केवल गैस निकालने के लिए दिए गए थे. लेकिन आप चतुराई से मालिक बन बैठें. सरकार को आपने गैस ‘बेचनी’ चालू कर दी. सरकार पर दबाव डालकर आपने गैस के दाम बढ़ाने चालू कर दिए. चूंकि कांग्रेस आपकी दुकान है तो कांग्रेस पार्टी हमेशा आपकी दादागिरी के सामने झुकती नज़र आई. अकसर आपके दबाव में कांग्रेस गैस के दाम बढ़ाती गई और देश के लोग हाहाकार करते रहे. आपकी वजह से बिजली, खाद और रसोईगैस महंगी होती गई. लेकिन जब पानी सर से उपर हो गया तो जयपाल रेड्डी जी ने आपका विरोध किया. उस समय जयपाल रेड्डी देश के तेल मंत्री थे. उन्होंने आपके दबाव में न आकर गैस के दाम और बढ़ाने से मना कर दिया. आपने जयपाल रेड्डी जी का ही तबादला करा दिया. आपकी हरकतों की वजह से देश में कई वस्तुएं महंगी हो रही हैं और जनता कराह रही है. क्या यह सब हरकतें आपको शोभा देती हैं? क्या इन हरकतों से आपकी मानहानि नहीं होती?

अरविंद केजरीवाल ने मुकेश अंबानी को कई सलाह भी दी है. केजरीवाल ने लिखा है कि इस किस्म के आपके बेईमानी के कामों की लिस्ट बहुत लंबी है. इस देश के अधिकतर व्यवसायी, कारोबारी, उद्योगपति ईमानदारी से काम करना चाहते हैं. लेकिन आज की व्यवस्था उन्हें बेईमानी करने पर मजबूर करती है. पर आपके जैसे उद्योगपति जब खुलेआम व्यवस्था का दुरुपयोग अपने फायदे के लिए करते हैं तो इससे सारे उद्योग और व्यवसाय पर काला ध्ब्बा लगता है.

केजरीवाल ने लिखा है कि एक तरफ आप हैं, आपके पास पैसा है. दूसरी तरफ इस देश की जनता है. जनता अब जाग गई है. जनता के अंदर जुनून है. इतिहास गवाह है कि जब-जब पैसे और जुनून के बीच लड़ाई हुई है तो हमेशा जुनून जीता है. मेरा आपसे निवेदन है कि देश के मीडिया को धमकाने की कोशिश न करें. मीडिया में चंद लोग ऐसे हो सकते हैं जिन्होंने खुद गलत काम किए हों. ऐसे मीडियाकर्मी शायद आपके दबाव में आ जाएं. लेकिन आज भी अधिकांश पत्रकार देश के लिए काम करते हैं. वो आपके दबाव में नहीं आने वाले.

मुकेश अंबानी को लिखे पत्र में अरविंद केजरीवाल ने लिखा है कि ऐसे मीडिया घराने हैं जिनमें सीधे या परोक्ष रूप से आपका पैसा लगा है. हो सकता है ऐसे घराने आपके दबाव में आ जाएं, पर इन घरानों में काम करने वाले पत्रकार आपके दबाव में नहीं आने वाले.

अरविंद केजरीवाल ने मुकेश अंबानी से पूछा है कि आपका क्या सपना है? क्या आप बेईमानी से दुनिया के सबसे धनवान व्यक्ति बनना चाहते हैं? मान लीजिए आप इस देश की सारी दौलत के मालिक बन जाए. क्या इससे आपको खुशी मिलेगी? खुशी अधिक से अधिक धन अर्जित करने से नहीं मिलती. बल्कि त्याग करने से मिलती है. आज आप एक ऐसे मुकाम पर खड़े हैं कि यदि आप बेईमानी से व्यवसाय करना छोड़ दें और अपनी सारी दौलत देश के लोगों के विकास में लगा दें तो यह देश आपको कभी नहीं भूलेगा.

 

इस समाचार / लेख पर पाठकों की प्रतिक्रियाएँ

 
 

anil sakargaye [anilsakargay@yahoo.co.in] bhopal m p - 2013-01-24 14:59:51

 
  अरविंद जी, मुकेश अंबानी जी से ये भी पूछना है कि, उनके पिताजी के समय हर्षद मेहता और यूनिट ट्रस्ट ऑफ इंडिया का जो कांड हुआ था, उसे क्यों सभी सरकारों ने दबा दिया. 
   
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