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पिछड़ों और दलितों के कारण भ्रष्टाचार

पिछड़ों और दलितों के कारण भ्रष्टाचार

जयपुर. 26 जनवरी 2013

ashish nandy


समाजशास्त्री और लेखक आशीष नंदी ने देश में व्याप्त भ्रष्टाचार के लिए सीधे तौर पर दलित और पिछड़े वर्ग को जिम्मेदार ठहराया है. नंदी जयपुर लिटरेचर फेस्टीवल में 64वें गणतंत्र दिवस के मौके पर आयोजित एक विशेष कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे. नंदी को अपने कथन के लिए कड़ी आलोचना का सामना करना पड़ रहा है. नंदी ने अपने कथन के समर्थन में पश्चिम बंगाल में भ्रष्टाचार का उदाहरण दिया है.

नंदी के इस वक्तव्य का जहां एक ओर मंच पर मौजूद एक अन्य साहित्यकार ने समर्थन किया जबकि वहां मौजूद लोगों ने उनके कथन पर आपत्ति जताई. नंदी के इन विचारों का साहित्य जगत के लोगों के अलावा कई राजनीतिक पार्टियों ने भी विरोध किया है. लेखक और दलित चिंतक चंद्रभान प्रसाद ने इस कथन की कड़े शब्दों में निंदा की है. वहीं रामदास अठावले समेत कई अन्य दलित नेताओं ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए नंदी पर कार्रवाई किए जाने की मांग की है.

मामले के तूल पकड़ने के बाद आशीष नंदी ने कहा कि उनके कहने का मतलब था कि पिछले कुछ समय में भ्रष्टाचार के आरोप में पकड़े जाने वाले लोगों में ज्यादाकर पिछड़े वर्ग, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लोग होते हैं लेकिन उन लोगों के पास उच्च जाति के लोगों की तरह बचने के तरीके नहीं होते हैं.

नंदी के इस बयान पर जयपुर लिटरेचर फेस्टीवल के आयोजक संजोय रॉय ने कहा है कि भ्रष्टाचार किसी एक समाज विशेष के कारण नहीं है. उल्लेखनीय है कि आशीष नंदी सीएसडीएस के निदेशक हैं और मशहूर पत्रकार-फिल्मकार प्रीतीश नंदी के भाई हैं.

 

इस समाचार / लेख पर पाठकों की प्रतिक्रियाएँ

 
 

bablu [mgmihirgoswami@gmail,com] bilaspur c. g - 2013-01-27 13:05:22

 
  आशीष दा बढ़िया कितना सुंदर आरोप लगाकर बड़ी समस्या का हर निकाल दिया है. आपको लगता है कि आप सही हैं? 
   
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